देश के सभी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानाें (आईआईटी) में सत्र 2021 में एमटेक व पीएचडी पाठ्यक्रमों की फीस में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना महामारी की वजह से यह निर्णय लिया गया है।
बता दें देश के पुराने आईआईटी में एमटेक पाठ्यक्रमों की प्रत्येक सेमेस्टर के लिए 5000 रुपये बतौर ट्यूशन फीस ली जाती है। जिसे बढ़ाकर 25000 रुपये तक करने की योजना बनाई जा रही है। लेकिन देश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लगातार दूसरे साल फीस न बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इस वजह से बढ़ाई जा रही थी फीस
मीडिया को दिए साक्षात्कार में आईआईटी बॉम्बे के निर्देशक निर्देशक सुभासिस चौधरी बताते हैं कि संस्थान ने विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए उच्च शिक्षा फंडिंग एजेंसी से तकरीबन 500 करोड़ रुपये का लोन लिया है। इस लोन को चुकाने के लिए फीस में बढ़ाेतरी करने की आवश्यकता थी। लेकिन महामारी और गिरती अर्थव्यवस्था को देखते हुए फीस न बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
एमटेक की फीस स्नातक पाठ्यक्रमों के बराबर करने की सिफारिश
एमटेक रिफॉर्म्स के लिए बनाई गई समिति ने आईआईटी में एमटेक पाठ्यक्रमों की फीस को तीन साल से अधिक के स्नातक पाठ्यक्रमों के बराबर लाने की सिफारिश की थी। बता दें वर्तमान में स्नातक पाठ्यक्रमों की फीस प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख रुपये तक है।