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Medical Education: नौ साल में पूरी करनी होगी एमबीबीएस, एनएमसी ने जारी किए नए नियम

Mon, 12 Jun 2023 05:26 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NMC Guidelines: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, एमबीबीएस करने वाले छात्रों को प्रवेश की तारीख से नौ साल के भीतर पाठ्यक्रम पूरा करना होगा।
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nmc - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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NMC New Guidelines For MBBS: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, एमबीबीएस करने वाले छात्रों को प्रवेश की तारीख से नौ साल के भीतर पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। जबकि उन्हें प्रथम वर्ष में उत्तीर्ण होने के लिए केवल चार प्रयास मिलेंगे। नए जारी स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम 2023 या GMER-23 में, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने कहा है कि NEET-UG योग्यता के आधार पर देश के सभी चिकित्सा संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक कॉमन काउंसलिंग होगी।

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एनएमसी ने दो जून को जारी गजट अधिसूचना में कहा है कि किसी भी परिस्थिति में, छात्र को प्रथम वर्ष (एमबीबीएस) के लिए चार से अधिक प्रयासों की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी भी छात्र को पाठ्यक्रम में प्रवेश की तारीख से नौ साल बाद स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम जारी रखने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी,। अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप विनियम, 2021 के अनुसार स्नातक चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम में भर्ती हुए छात्र को अपना स्नातक तब तक पूरा नहीं माना जाएगा जब तक कि वह अपनी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप पूरी नहीं कर लेता।

स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉमन काउंसलिंग

राजपत्र में कहा गया है, "मौजूदा नियमों या अन्य एनएमसी नियमों में कही गई किसी भी बात के पूर्वाग्रह के बिना, नीट-यूजी की योग्यता सूची के आधार पर भारत में सभी चिकित्सा संस्थानों के लिए चिकित्सा में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉमन काउंसलिंग होगी।" काउंसलिंग पूरी तरह से एनएमसी द्वारा प्रदान की गई सीट मैट्रिक्स पर आधारित होगी, बशर्ते कॉमन काउंसलिंग में कई राउंड हो सकते हैं, जैसा कि आवश्यक हो सकता है।

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अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) कॉमन काउंसलिंग के संचालन के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा, और धारा 17 के तहत नामित प्राधिकारी प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुरूप काउंसलिंग आयोजित करेगा। सरकार काउंसलिंग के लिए एक नामित प्राधिकरण नियुक्त करेगी और सभी स्नातक सीटों के लिए अपनी एजेंसी और पद्धति तय करेगी और अधिसूचित करेगी। नए नियमों में कहा गया है कि कोई भी चिकित्सा संस्थान इन नियमों के उल्लंघन में किसी भी उम्मीदवार को स्नातक चिकित्सा शिक्षा (जीएमई) पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं देगा।
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