राजनीतिक करियर
निर्मला सीतारमण ने 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य के रूप में कार्य किया। 2006 में निर्मला सीतारमण ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर खुद को राजनीति से जोड़ लिया। उनके पति डॉ. परकला प्रभाकर प्रजा राज्यम पार्टी में कार्यरत थे।
प्रारंभ में, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पार्टियों में आंध्र प्रदेश इकाई के प्रवक्ता के रूप में काम किया। नितिन गडकरी के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें 6 अहम प्रवक्ताओं की सूची में शामिल किया गया। वह अपने पार्टी से डिबेट में सक्रिय रूप से भाग लेती थी और उन डिबेटों में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते नजर आती थी। एक उत्कृष्ट प्रवक्ता के रूप में उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्थापित करने में भी प्रमुख भूमिका निभाई थी।
2014 में जब भारतीय जनता पार्टी देश में सत्ता में आई तो उन्हें आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सांसद बनाकर उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया और निर्मला सीतारमण को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का प्रभार दिया गया।
मई 2016 में, निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव में निर्विवाद जीत हासिल की और लोकसभा में गईं। 3 सितंबर 2017 को उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली और उन्हें रक्षा मंत्री का प्रभार दिया गया।
2019 के चुनाव में उन्हें 2024 तक केंद्रीय वित्त मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। दूसरे कार्यकाल में भी उन्हें वित्त मंत्री का पद मिला।