गौरतलब है कि कोविड -19 मामलों में वृद्धि के कारण बोर्ड ने इस साल 10वीं, 12वीं दोनों कक्षाओं के लिए जून 2021 में सार्वजनिक परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी। बोर्ड ने परिणाम घोषित करने के लिए छात्रों के लिए विशेष मूल्यांकन मानदंड तैयार किए थे।
एनआईओएस द्वारा जारी मूल्यांकन मानदंड के अनुसार, जो शिक्षार्थी पहले ही चार या अधिक विषयों में उत्तीर्ण हो चुके हैं, के परिणाम की गणना के लिए एक ही पाठ्यक्रम में तीन विषयों में से सर्वश्रेष्ठ का औसत लिया गया था। जबकि, दो या तीन विषयों को उत्तीर्ण करने वाले शिक्षार्थियों के परिणाम की गणना के लिए पिछले दो विषयों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के औसत को ध्यान में रखा गया था।
विशेष मानदंडों के आधार पर परिणाम 22 जुलाई को घोषित किया गया था। कक्षा 10वीं के कुल 1,07,745 और कक्षा 12वीं के 1,69,748 शिक्षार्थियों को परीक्षा में प्रमाणित किया गया था। बता दें कि एनआईओएस को 1989 में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा एक स्वायत्त संस्थान के रूप में स्थापित किया गया था। इसे पहले राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के रूप में जाना जाता था।