देश में एमबीबीएस के साथ-साथ डॉक्टरी का लाइसेंस लेने के लिए 2023 से नेक्स्ट (नेशनल एग्जिट टेस्ट) परीक्षा लागू होगी। यह परीक्षा हर साल जून से पहले होगी। डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों में इससे जुड़े भय और भ्रामक जानकारियों को दूर करने के लिए सरकार मॉक ड्रिल भी कराएगी, जो अगले साल 2022 के शुरुआती महीनों में होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की बैठक में यह फैसला हुआ।
उन्होंने कहा, 2023 की पहली छमाही में नेक्स्ट परीक्षा होगी। नेक्स्ट परीक्षा पास करने वालों को एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में लाभ मिल सकेगा। साथ ही यह देश में आधुनिक चिकित्सा पद्धति का अभ्यास करने के लिए लाइसेंस हासिल करने में भी मददगार होगी।
समीक्षा बैठक के दौरान नेक्स्ट को विश्वस्तरीय परीक्षा बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर प्रयास कर रही है।
दरअसल, 25 सिंतबर 2020 से गुणवत्तापूर्ण और सस्ती चिकित्सा शिक्षा के लिए आयोग ने बाकायदा इसके लिए एक रोडमैप भी तैयार किया है, जिसे लेकर बैठक में समीक्षा की गई थी।
भारत और विदेशों से पढ़ाई करने वालों के लिए एक जैसी परीक्षा
अब भारत और विदेशों से पढ़ाई करने वालों के लिए एक जैसी परीक्षा होगी, जिसके जरिए डॉक्टर का लाइसेंस मिल सकेगा। अभी तक विदेशों से एमबीबीएस करके वापस लौटने वालों के लिए अलग से पात्रता परीक्षा देनी होती है।