बैठक के दौरान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों को विकसित करने के लिए कहा। यह बहुभाषी शिक्षा प्रदान करने के नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य के अनुरूप होगा। प्रधान ने यह भी कहा कि एनसीईआरटी द्वारा विकसित शिक्षण-शिक्षण सामग्री जादुई पिटारा को खुले शिक्षा संसाधनों के रूप में हर स्कूल तक पहुंचाने के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसे एक जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है ताकि नवोन्मेषी और रचनात्मक युवा विभिन्न प्रकार की नवोन्मेषी शिक्षण-शिक्षण सामग्री विकसित करने के लिए हाथ मिला सकें। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को अपनाने को लेकर जमीनी स्तर पर चले रहे कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की भी जानकारी दी गई।