फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NEET Result 2023: नीट यूजी रिजल्ट की वरीयता सूची पर उठे सवाल, रैंकिंग मापदंडों पर पारदर्शिता की मांग

Fri, 16 Jun 2023 03:30 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NEET UG Result 2023: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा घोषित नीट-यूजी,2023 के रिजल्ट की ऑल इंडिया मेरिट सूची में पारदर्शिता नहीं होने से रैंकिंग प्रक्रिया के निर्धारित मापदंडों पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
NEET UG - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

NEET UG Result 2023: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा घोषित नीट-यूजी,2023 के रिजल्ट की ऑल इंडिया मेरिट सूची में पारदर्शिता नहीं होने से रैंकिंग प्रक्रिया के निर्धारित मापदंडों पर सवाल उठ रहे हैं। कोटा कोचिंग गुरु और नीट एक्सपर्ट डॉ बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि एनटीए ने नीट यूजी में टॉप-50 विद्यार्थियों की ऑल इंडिया रैंक के साथ सूची जारी की है।

विज्ञापन

जिसमें एक समान अंक 720 व समान पर्सेंटाइल स्कोर होने पर दो विद्यार्थी को एआईआर-1 घोषित की गई है। जिससे एआईआर-2 पर कोई विद्यार्थी नहीं है। नीट में 716 प्राप्तांक वाले विद्यार्थी को एआईआर-3 दी गई है।

इसके बाद 715 अंक एवं एक समान पर्सेंटाइल स्कोर प्राप्त करने वाले 16 विद्यार्थियों को क्रमशः एआईआर-4 से 19 तक आवंटित की गई है। प्राप्तांक व स्कोर के आधार पर रैंक-20 पर एक विद्यार्थी हैं। उसके बाद एक समान अंक 711 व स्कोर एक समान होने पर 6 विद्यार्थियों को अलग-अलग एआईआर-21 से 26 तक दी गई है।
 

इसी तरह, एक समान अंक 710 एवं समान पर्सेंटाइल स्कोर वाले 24 विद्यार्थियों को ऑल इंडिया रैंक-27 से 50 तक क्रमशः आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित मापदंड सही है तो एआईआर-1 पर इसे लागू क्यों नहीं किया गया, एआईआर-2 पर कोई नाम क्यों नहीं है।

डॉ माहेश्वरी ने कहा कि नीट-यूजी के 20 लाख 38 हजार 596 परीक्षार्थी एनटीए की मेरिट सूची देखकर भ्रमित हैं कि किस आधार पर ऑल इंडिया रैंक निर्धारित की गई है। यदि एक समान प्राप्तांक व पर्सेंटाइल स्कोर के बाद विषयवार अंकों या जन्मतिथि को आधार मानकर रैंक जारी की गई है तो शीर्ष रैंक एक साथ दो विद्यार्थी को कैसे दे दी गई।

 
विज्ञापन

इससे एक समान अच्छा स्कोर अर्जित करने वाले परीक्षार्थियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। 50 विद्यार्थियों की वरीयता सूची में एआईआर-2 पर कोई विद्यार्थी नहीं होना आश्चर्यजनक स्थिति है। उन्होंने मांग की कि एनटीए को विद्यार्थियों के हित में नीट यूजी की रैंकिंग प्रक्रिया के मापदंडों पर पुनर्विचार कर संशोधित ऑल इंडिया मेरिट सूची जारी करना चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें