परीक्षा प्रक्रिया की मजबूती की जांच करना चाहता था शिक्षा मंत्रालय
परीक्षा रद्द होने के बाद एनबीई के अध्यक्ष डॉ. अभिजात सेठ ने कहा था कि यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रक्रिया की मजबूती की जांच करना चाहता था और यह आश्वासन प्राप्त करना चाहता था कि इस प्रक्रिया में कोई कमजोरी नहीं है। उन्होंने कहा कि एनबीई पिछले सात वर्षों से नीट-पीजी का आयोजन कर रहा है और बोर्ड की सख्त एसओपी के कारण अब तक पेपर लीक की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
नई तिथि की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा परीक्षा में अनियमितताओं के मद्देनजर सरकार के साइबर अपराध निरोधक निकाय के साथ बैठक के कुछ दिनों बाद की गई है। सरकार ने कहा था कि वह NEET-PG की प्रक्रिया की मजबूती का गहन मूल्यांकन करेगी। बैठक में सुझाए गए उपायों में परीक्षा से दो घंटे पहले प्रश्नपत्र तैयार करना शामिल था।
नीट-पीजी का आयोजन देश भर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए एमबीबीएस डिग्री धारकों की पात्रता का आकलन करने के लिए किया जाता है।