जारी रहेगी हड़ताल
एक सूत्र के अनुसार, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने शीर्ष अदालत को पत्र लिखकर मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है ताकि 2021 के लिए काउंसलिंग शुरू हो सके, और इसकी जानकारी हड़ताल कर रहे डॉक्टर्स को मौखिक रूप से दी जा सके। बता दें कि इस देरी के कारण अस्पतालों में डॉक्टर्स की भी कमी होने लगी है। हालांकि, हड़ताली डॉक्टरों के प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक उन्हें अपनी प्रमुख मांग पर सरकार से लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, वे हड़ताल जारी रखेंगे।
छात्र, रेजिडेंट डॉक्टर परेशान
बता दें कि नीट पीजी 2021 पास कर चुके लगभग 2 लाख अभ्यर्थियों का प्रवेश काउंसलिंग में देरी की वजह से रुका हुआ है। ऐसे में उम्मीदवारों की शिकायत है कि पहले कोरोन की दूसरी लहर और अब सुनवाई की वजह से काउंसलिंग में हो रही देरी की वजह से उनका पूरा साल बर्बाद हो गया है। वहीं प्रथम वर्ष के विद्यार्थी के न आने से दूसरे वर्ष के अभ्यर्थियों के ऊपर बोझ बढ़ गया है। जिसकी वजह से उन्हें लगातार 36-36 घंटे काम करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से कई जगहों पर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। अब तक, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और कुछ अन्य स्थानों के अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने इस मुद्दे का समर्थन किया है और इस मुद्दे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए इन हड़तालों में शामिल हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि डॉक्टर आपातकालीन सेवाओं का भी बहिष्कार कर रहे हैं।