किस मामले पर हो रही है सुनवाई
शीर्ष अदालत ओबीसी को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों को केंद्रीय पूल के तहत आने वाली सभी मेडिकल सीटों पर 10 फीसदी आरक्षण प्रदान करने के लिए केंद्र और चिकित्सा परामर्श समिति (एमसीसी) की 29 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
एमसीसी के वकील ने क्या कहा
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि नीट पीजी के लिए काउंसलिंग तब तक शुरू नहीं होगी जब तक कि कोर्ट ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण शुरू करने के केंद्र के फैसले की वैधता का फैसला नहीं कर लेता। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्न की बेंच ने कहा कि अगर कोर्ट के फैसले से पहले काउंसलिंग होती है, तो "छात्रों को एक गंभीर समस्या होगी"।
कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि "हम तब तक आपकी बात मानेंगे, जब तक कि छात्रों की काउंसलिंग नहीं की जाती। हम आपकी बात मानेंगे कि जब तक हम कोई रास्ता तय नहीं करते, तब तक काउंसलिंग शुरू नहीं हो रही है। अन्यथा छात्रों को एक गंभीर समस्या होगी ..."। इस बीच, डॉक्टरों ने काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी पर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर अपना मुद्दा उठाया है।