आल इंडिया कोटे के अंतर्गत सरकारी कॉलेजों की 15 प्रतिशत सीटें इस काउंसिलिंग प्रक्रिया के तहत भरी जाएंगी।
नीट में सफल होने वाले युवाओं के लिए मेडिकल काउंसिल कमेटी (MCC) ने आल इंडिया कोटे के तहत नीट काउंसिलिंग की शुरूआत कर दी है। जिसके पहले राउंड के रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। 164 से लेकर 720 अंक तक के विद्यार्थी इस नीट काउंसिलिंग में हिस्सा ले सकते हैं। एमसीसी नीट काउंसिलिंग की 3 राउंड में होने वाली काउंसिलिंग प्रक्रिया के तहत आल इंडिया कोटे में सरकारी कॉलेजों की 15 प्रतिशत सीटें भरी जाएंगी। बाकी 85 प्रतिशत सीटें राज्य कोटे की काउंसिलिंग से भरी जाएंगी। इसे और सरल भाषा में समझते हैं कि अगर आप किसी शहर में रहते हैं वहां के सरकारी कॉलेज में अगर 100 सीटें हैं तो 15 सीट आल इंडिया कोटे से भरी जाएगी और 85 सीटें राज्य कोटे से भरी जाएंगी।
आल इंडिया कोटे में एमसीसी की वेबसाइट पर जाकर आपको रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी है। यहां जाकर आपको नीट यूजी काउंसिलिंग पर रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय खुले फॉर्म में रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर, नाम, मां का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आइडी आदि लिखकर सबमिट करना होगा। यहां रजिस्ट्रेशन पूरा करने के बाद एक रजिस्ट्रेशन स्लिप जनरेट होगी जिसे आप सेव कर लेंगे।
सेंकेंड स्टेप में आपको नीट काउंसिलिंग की फीस जमा करनी है। आल इंडिया काउंसिलिंग में हम दो तरह के कॉलेज के लिए फीस जमा करते हैं। 15 प्रतिशत आल इंडिया के कोटे के सेंट्रल यूनिवर्सिटीज और डीम्ड यूनिवर्सिटीज।
ये च्वाइस फिलिंग स्टेप बहुत महत्वपूर्ण होता है अगर आपके 590 अंक हैं और किसी के 570 अंक हैं तो आपके च्वाइस फिलिंग की गलती की वजह से हो सकता है आपको वो कॉलेज न मिल पाए वहां 570 वाले को एडमिशन मिल जाए। तो किसी भी तरह की काउंसिलिंग सहायता के लिए आप सफलता मोक्ष के टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल कर सकते हैं। आपकी आल इंडिया रैंकिंग और प्रिफरेंस के अनुसार सीटों का एलॉटमेंट किया जाएगा। सीट लॉकिंग प्रक्रिया से पहले आप अपनी च्वाइस को बदल सकते हैं लेकिन लॉकिंग के बाद आपको कॉलेज बदलने की अनुमति नहीं होगी।
तीसरा स्टेप पूरा करने के बाद आप एक प्रिंटआउट के जरिये च्वाइस का प्रिफरेंस देख सकते हैं। जब आपको सीट मिल जाती है तो आपको उस कॉलेज में जाकर अपने दस्तावेजों को वेरीफाई कराना है। दस्तावेजों में एडमिट कार्ड, नीट रिजल्ट, नीट फॉ़र्म, नीट सीट एलॉटमेंट लेटर, पेमेंट स्लिप, कक्षा 10, 12वीं की मार्कशीट अटेस्टेट फोटो कॉपी, 8 पासपोर्ट साइज फोटोग्रॉफ और ओरिजिनल डॉक्यूमेंट लेकर जाने हैं। फोटो वही लेकर जाएं जो आपके एडमिट कार्ड में लगी है। साथ ही आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि भी लेकर जाना है।
अगर आप इसके राउंड 2 में जाना है यह एमसीसी आपसे पूछेगा। अगर आप राउंड-2 में भी भाग लेंगे तो ही आपको सेकेंड राउंड में भेजा जाएगा। सेकेंड राउंड की सीट एलॉटमेंट लिस्ट जारी होगी उसमें आपका नाम आ जाएगा। इन दोनों राउंड के बाद मॉप अप राउंड होगा। जिसमें भी आपको सीट एलॉट की जाती है। इन तीनों राउंड में सीट लेने पर आपको स्टेट काउंसिलिंग में भाग लेने का मौका नहीं मिलेगा। अगर आल इंडिया कोटे में आपने सीट नहीं ली तो आप स्टेट कोटे में आप भाग ले सकते हैं
| राउंड
तिथि |
च्वाइस फिलिंग/लॉकिंग प्रक्रिया | राउंड रिजल्ट | कॉलेज में रिपोर्टिंग | छात्र डेटा का वेरिफिकेशन |
| Round -1
रजिस्ट्रेशन 14 से 20 अगस्त |
16 अगस्त से 20 अगस्त /20 अगस्त शाम 4 बजे से रात 11.55 बजे तक | 23 अगस्त | 24 से 29 अगस्त | 30 अगस्त |
| Round - 2 तिथि/सीट वेरिफिकेशन | रजिस्ट्रेशन- च्वाइस फिलिंग -लांकिंग | रिजल्ट | रिपोर्टिंग | डेटा वेरिफिकेशन |
| 4 सितम्बर से 5 सितम्बर | 6 से 10 सितम्बर-
लाकिंग 10 सितम्बर शाम 4 बजे से रात 11.55 बजे तक |
13 सितम्बर | 14 सितम्बर से 20 सितम्बर | 21 से 22 सितम्बर |
| राउंड -3
सीट वेरिफिकेशन |
रजिस्ट्रेशन- च्वाइस फिलिंग -लांकिंग | सीट एलॉटमेंट | रिपोर्टिंग | डेटा वेरिफिकेशन |
| 25 से 26 सितम्बर | 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर- 27 सितम्बर से 2 अक्टूबर (च्वाइस लॉकिंग 2 अक्तूबर शाम 4 बजे से रात 11.55 बजे तक) | 5 अक्टूबर | 6 से 12 अक्टूबर | 13 से 15 अक्टूबर |
| स्ट्रे वैकैंसी राउंड ऑनलाइन | ||||
| 16 अक्टूबर | 16 से 20 अक्टूबर - 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर (च्वाइस लॉकिंग 20 अक्टूबर शाम 4 बजे से रात 11.55 तक) | 21 व 22 अक्टूबर | 23 अक्टूबर | 24 अक्टूबर से 30 अक्टूबर |
ऐसे छात्र जिनकी रैंक कम आयी है और वह देश में सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल नहीं कर पाए हैं उन्हें एमबीबीएस एब्रॉड विकल्प चुनना चाहिए। क्योंकि अधिकतक ग्लोबल यूनिवर्सिटीज एडवांस ट्यूशन फीस नहीं मांगती, सितम्बर तक आपको वीजा मिल जाता है तभी आपको ट्यूशन फीस भी अदा करनी है। ऐसे में अगले वर्ष फिर से नीट एग्जाम में बैठा जाए से बेहतर है कि आप प्लान बी पर काम करें और एमबीबीएस एब्रॉड को चुनें।