उसने बताया कि कैसे परीक्षा शुरू होने के बाद, आरोपी राम सिंह और मुकेश ने अपने मोबाइल फोन से प्रश्न पत्र की तस्वीरें खींची और उसे चित्रकूट क्षेत्र के जयपुर अपार्टमेंट में व्हाट्सएप के माध्यम से 2 लोगों को भेज दिया। यह प्रश्न पत्र तब सीकर में किसी ऐसे व्यक्ति को भेज दिया गया जिसने प्रश्नपत्र हल किया था। पुरुषों (सीकर में) ने चित्रकूट में दो लोगों को उत्तर कुंजी भेजी, जिन्होंने फिर इसे मुकेश को भेज दिया। मुकेश ने इसे सिंह को भेज दिया। सिंह ने उत्तर कुंजी की मदद से दिनेश्वरी को पेपर हल करने में मदद की।
यह सौदा 30 लाख रुपये में किया गया था। जिसमें से 10 लाख रुपये परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद दिए जाने थे। अभ्यर्थी के चाचा को केंद्र के बाहर से रुपये के साथ पकड़ा गया। फोन सहित पैसे जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पेपर हल करने में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए टीम सीकर भेजी गई है। पुलिस ने एक ई-मित्र केंद्र के मालिक अनिल और अलवर के बानसूर में एक कोचिंग सेंटर के मालिक को भी गिरफ्तार किया है। अनिल कथित तौर पर मध्यस्थ थे, जिन्होंने उम्मीदवार और उसके चाचा को उन लोगों से मिलवाया जिन्होंने अभ्यर्थी को पेपर हल करने में मदद की।