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NCPCR: रक्षाबंधन के दौरान राखी-तिलक,मेहंदी लगाकर आने वाले विद्यार्थियों को दंडित न करें स्कूल,पढ़ें खबर

Wed, 30 Aug 2023 08:41 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NCPCR: बाल अधिकार निकाय एनसीपीसीआर ने स्कूलों से कहा है कि अगर बच्चे रक्षाबंधन के दौरान स्कूलों में राखी, तिलक या मेहंदी लगाकर आते हैं तो उन्हें दंडित न किया जाए।
 
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छात्र (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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NCPCR: बाल अधिकार निकाय एनसीपीसीआर ने स्कूलों से कहा है कि अगर वे रक्षाबंधन के दौरान स्कूलों में राखी, तिलक या मेहंदी लगाकर आते हैं तो उन्हें दंडित न किया जाए। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिवों को जारी एक पत्र में, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, विभिन्न समाचार रिपोर्टों के माध्यम से आयोग ने देखा है कि त्योहारों के उत्सव के कारण स्कूल के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों द्वारा बच्चों को उत्पीड़न और भेदभाव का शिकार होना पड़ता है। 

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एनसीपीसीआर ने कहा कि यह देखा गया है कि स्कूल रक्षाबंधन के त्योहार के दौरान बच्चों को राखी या तिलक या मेहंदी लगाने की अनुमति नहीं देते हैं और उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से परेशान करते हैं। यह ध्यान दिया जा सकता है कि आरटीई अधिनियम, 2009 के धारा 17 के तहत स्कूलों में शारीरिक दंड निषिद्ध है।
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शीर्ष बाल अधिकार निकाय ने कहा, इसलिए, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि स्कूल ऐसी किसी भी प्रथा का पालन न करें जिससे बच्चों को शारीरिक दंड या भेदभाव का सामना करना पड़े।
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