सर्कुलर में क्या कहा गया था
सीबीएसई ने हाल ही में सभी स्कूलों को एक परिपत्र जारी कर कहा था कि देश के विभाजन के दौरान हुए संघर्ष के बारे में युवा पीढ़ी को बताया जाए। पवार ने कहा, "मैं हाल ही में सीबीएसई (केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित और प्रबंधित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) द्वारा जारी एक परिपत्र से चिंतित हूं, जिसमें अपने स्कूलों से छात्रों को विभाजन के दौरान उत्पन्न स्थिति के बारे में सूचित करने के लिए कहा गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "विभाजन का इतिहास रक्तपात के बीच देश के विभाजन का इतिहास है। हजारों लोग विस्थापित हुए। सिंधी समुदाय के कई लोगों को भारत में पलायन करना पड़ा। पंजाब में भी ऐसी ही स्थिति थी। कई मुस्लिम पाकिस्तान चले गए।"
युवा पीढ़ी पर ऐसे विचार डालना गलत
पवार ने कहा कि हालांकि सर्कुलर में महाराष्ट्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है, लेकिन उसे सीबीएसई के सामने अपना विचार अवश्य व्यक्त करना चाहिए। पवार ने कहा, "राष्ट्रीय और सामाजिक एकता के संबंध में युवा पीढ़ी पर ऐसे विचार डालना गलत है। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी विषय समाज में संघर्ष पैदा न करे।"
14 अगस्त को घोषित किया गया है 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस'
14 अगस्त के दिन पाकिस्तान को आजादी मिली थी। 2021 में केंद्र सरकार द्वारा 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) घोषित किया गया, जो उन लोगों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने विभाजन के कारण अपनी जान गंवाई और अपने मूल ठिकानों से विस्थापित हो गए।