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NCERT Textbook Update: अब सातवीं के छात्र पढ़ेंगे गजनवी की तबाही की पूरी कहानी, नालंदा विध्वंस भी शामिल

Mon, 08 Dec 2025 05:00 PM IST
जागृति एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NCERT Class 7 Textbook: NCERT ने सातवीं कक्षा की सोशल साइंस टेक्स्टबुक में नए बदलाव किए हैं। इसमें महमूद गजनवी के हमलों और उसके प्रभाव को डिटेल में शामिल किया है। जानिए नई सिलेबस के किताबों में और क्या-क्या बदलाव देखने को मिलेंगे? 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने क्लास 7 सोशल साइंस की नई टेक्स्टबुक में एतिहासिक बदलाव किए है। इस बार 2026-27 के नए सिलेबस की बुक्स में महमूब गजनवी के भारत पर हमलों को विस्तार से जोड़ा गया है। पिछली किताबों में इस विषय पर केवल छोटा सा पैराग्राफ था।

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नई किताब में इस चैप्टर का नाम The Ghaznavi Invasions है। इसमें विद्यार्थियों को छह पेज का पूरा सेक्शन मिलेगा, जिसमें गजनवी के भारतीय उपमहाद्वीप पर 17 हमलों की लिस्ट दी गई है। इसमें मथुरा और कन्नोज के मंदिरों को तोड़ने, गुजरात के सोमनाथ मंदिर के विध्वंस और शिवलिंग हटाने का समझाया गया है। 

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बुक में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कब हुआ? किसने किया? ये सब बताया गया है। इसी के साथ छात्रों के लिए कुछ सवाल में शामिल किए हैं। जैसे मंदिर के पुनर्निर्माण का पूरा खर्चा सार्वजनिक दाने से क्यों उठाया गय 

नई बुक में क्या पढ़ेंगे छात्र?

नई बुक में विद्यार्थी पढ़ेंगे कि गजनवी के हमलों के दौरान हजारों आम भारतीयों का नरसंहार हुआ था। इन्होंने कैदियों को गुलाम बनाया और कैसे बच्चों को मध्य एशिया के गुलाम बाजारों में बेच दिया। अल-उतबी और अल-बिरूनी जैसे ऐतिहासिक स्रोतों का हवाला देते हुए गजनवी को शक्तिशाली, लेकिन क्रूर और बेरहम कमांडर के रूप में वर्णित किया। जिन्होंने हिंदू, बौद्ध, जैन और प्रतिद्वंद्वी इस्लामी पंथों को निशाना बनाया था।  

बॉक्स में सावधानी संदेश भी

गजनवी सेक्शन से पहले एक बॉक्स में सावधानी का संदेश दिया गया है। जिसमें कहा गया कि ऐतिहासिक विवरण अक्सर युद्धों और संघर्षों काे अधिक स्थान देते हैं। जबकि शांति और सांस्कृतिक उपलब्धियों को कम।

गौरी और खिलजी पर भी नया कंटेंट

अन्य अध्याय Turning Tides: 11th and 12th Centuries में मुहम्मद गौरी, कुतुब-उद-दीन एबक और बख्तियार खिलजी के अभियानों का वर्णन है। 

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नालंदा और विक्रमशिला के विध्वंस का विस्तार

इस बार किताब में नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों के विध्वंस का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। जो पुराने संस्करण में अनुपस्थित था। किताब में लिखा है कि बड़े पैमाने पर भिक्षुओं की हत्या की गई। पुस्तकालय महीनों तक जलते रहें और इसे भारत में बौद्ध धर्म के पतन की बड़ी वजह मानी गई। अरब आक्रमण और सिंध पर सेक्शन भी जोड़ा गया है। 

वहीं, 6वीं से 10वीं सदी वाले अध्याय में हूणों और अरबों के हमलों पर नए सेक्शन शामिल हुए हैं। मुहम्मद बिन कासिम के सिंध अभियान को 13वीं सदी के फारसी स्रोम के आधार पर धार्मिक कर्तव्य के रूप में दर्शाया गया है। काफिर जैसे एतिहासिक शब्दों के संदर्भ को समझाया गया है।

इंटीग्रेटेड टेक्स्टबुक का नया मॉडल

नई शिक्षा नीति NEP 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 के अनुसार, कक्षा एक से आठ तक की किताबें बदली जा रही हैं। क्लास 7 के छात्र अब हिस्ट्री, सिविक्स और जियोग्राफी तीनों चैप्टर्स के लिए अलग-अलग किताबों की जगह दो इंटीग्रेटेड सोशल साइंस टेक्स्टबुक का इस्तेमाल करेंगे। 

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