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NEET PG 2022 Counselling: एनबीई ने नीट पीजी के लिए घटाया कट ऑफ, देखें नई लिस्ट

Fri, 21 Oct 2022 01:09 PM IST
सौरभ पांडे एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NEET PG 2022 Counselling: नीट पीजी कट-ऑफ अंक सभी श्रेणियों में 15 प्रतिशत कम कर दिए गए हैं। बता दें कि पिछले शैक्षणिक सत्र के लिए आयोजित पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया में बड़ी संख्या में सीटें खाली रहीं थीं।
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NEET PG 2022 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET PG) के लिए कट-ऑफ अंक अब कम कर दिए हैं। नीट पीजी कट-ऑफ अंक सभी श्रेणियों में 15 प्रतिशत कम कर दिए गए हैं। दरअसल पिछले शैक्षणिक सत्र के लिए आयोजित पीजी काउंसलिंग में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई थीं, जिसके बाद इस पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। जिन उम्मीदवारों को स्नातकोत्तर कार्यक्रम काउंसलिंग के लिए उपस्थित होना है, वे अब  एनबीई की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर संशोधित कट-ऑफ की जांच कर सकते हैं।

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यहां देखे किन श्रेणियों में घटाया गया कट-ऑफ

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग प्रतिशत को 50 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। जबकि सामान्य श्रेणी (पीडब्ल्यूडी-सामान्य) में दिव्यांगों के लिए यह 45 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत हो गया है, और अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह 15 प्रतिशत है।  
 

नीट पीजी 2022 की रैंक में कोई बदलाव नहीं

बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नीट-पीजी 2022 सूचना बुलेटिन में उल्लिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करने के लिए उम्मीदवारी विशुद्ध रूप से अनंतिम विषय है। जिसमें कहा गया है कि एक जून, 2022 को जारी नीट पीजी 2022 की रैंक में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नीट पीजी परीक्षा का परिणाम एक जून, 2022 को घोषित किया गया था।
 
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सीटें खाली रहना संसाधनों की भारी बर्बादी

पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सत्र में प्री और पैरा-क्लिनिकल विषयों में लगभग 1,400 सीटें खाली रहीं। इतनी बड़ी संख्या में स्नातकोत्तर की सीटें खाली रहना देश में संसाधनों की भारी बर्बादी है, जहां स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटें प्रीमियम मानी जाती हैं। इसी को देखते हुए 2022 के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कट-ऑफ को सभी श्रेणियों में 25 प्रतिशत कम करने का निर्णय किया गया है। जिससे कि पिछली बार की तुलना में सीटें ज्यादा से ज्यादा भरी जा सकें।
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