याचिका में दिया गया ये तर्क
याचिका में यह तर्क दिया गया है कि कुछ राज्यों में एमसीसी नीट पीजी राउंड 3 काउंसलिंग, राज्य स्तर पर राउंड 2 समाप्त होने से पहले ही शुरू कर दी गई, जिससे कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए नीट पीजी कट-ऑफ प्रतिशताइल भी घटा दिया कि सीटें खाली न रहें।
इस स्थिति में, राज्य कोटे के कई उम्मीदवार, जो अन्यथा AIQ राउंड 3 के लिए पात्र नहीं थे, उन्हें MCC NEET PG R-3 काउंसलिंग में पंजीकरण करने और सीट ब्लॉक करने का अवसर मिल गया। बाद में, जब राज्य राउंड 2 काउंसलिंग शुरू हुई, तो वे बेहतर विकल्प मिलने पर AIQ सीट छोड़ने में सक्षम हो गए, जिससे अन्य छात्रों को नुकसान हुआ।
गंभीर पक्षपात का लगाया आरोप
याचिकाकर्ताओं ने इस प्रक्रिया को "गंभीर पक्षपात" बताते हुए तर्क दिया कि यदि AIQ राउंड 3 केवल तब आयोजित किया जाता, जब सभी राज्यों में राज्य राउंड 2 काउंसलिंग पूरी हो चुकी होती, तो कुछ उम्मीदवारों को सीट ब्लॉक करने और फिर राज्य काउंसलिंग में बेहतर विकल्प चुनने का अनुचित लाभ नहीं मिलता।
इस विवाद के कारण कई छात्रों को अपनी पसंदीदा सीटें हासिल करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिससे एमसीसी और राज्य नीट पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया के बीच तालमेल की कमी उजागर हुई।
एमपी नीट पीजी मॉप-अप काउंसलिंग की तिथियां
जबकि एमपी नीट पीजी मोप-अप राउंड काउंसलिंग की तारीखें 2024 आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई हैं, लेकिन अधिसूचना में छात्रों की शिकायतों के बारे में बात नहीं की गई है। तारीखें इस प्रकार हैं:
| कार्यक्रम |
तिथि |
| योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी करना |
7 फरवरी |
| मॉप-अप राउंड की शेष रिक्तियों का प्रकाशन |
7 फरवरी |
| ताजा विकल्प भरना और लॉक करना |
7 से 9 फरवरी (मध्य रात्रि तक) |
| मॉप-अप राउंड सीट आवंटन |
11 फरवरी |
| आवंटित कॉलेज में रिपोर्टिंग |
12 से 15 फरवरी (सायं 6 बजे तक) |