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लापरवाही: एडमिशन के बिना ही 1296 संस्थानों में शुरू हो गई 1.5 लाख छात्रों की पढ़ाई

Thu, 05 Sep 2019 06:16 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
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शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का एक नया और अनोखा मामला सामने आया है। किसी भी शिक्षण संस्थान में किसी छात्र की पढ़ाई तभी शुरू होती है जब वहां उसका नामांकन हो जाता है। लेकिन ये ऐसा मामला है जहां बिना एडमिशन ही छात्रों की पढ़ाई संस्थानों में शुरू हो गई। वो भी एक या दो संस्थान में नहीं, कुल 1296 संस्थानों में ऐसा हुआ है। इन संस्थानों में करीब 1.55 लाख छात्र बिना एडमिशन के ही पढ़ाई कर रहे हैं।

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ये मामला उत्तर प्रदेश का है। दरअसल उत्तर प्रदेश में पॉलीटेक्निक में दाखिले की प्रक्रिया एक महीने पहले ही पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही नए शैक्षणिक सत्र के लिए पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है। लेकिन जो छात्र पढ़ रहे हैं, अभी तक उनका नामांकन ही नहीं हुआ है। 

जानें कैसे हुआ ये कारनामा

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प्रदेश के शिक्षा परिषद के अधिकारियों का कहना है कि पहले नामांकन और प्रवेश प्रक्रिया दोनों परिषद के हाथ में थी। लेकिन बाद में इसे अलग कर दिया गया। अब प्रवेश प्रकिया की जिम्मेदारी संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद को दे दी गई है। परिषद के पास सिर्फ नामांकन करने का कार्य रह गया है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रवेश पाने वाले छात्रों का ब्योरा प्रधानाचार्यों को ऑनलाइन भेजना होता है। लेकिन संस्थानों ने अभ तक छात्रों का ब्योरा परिषद को नहीं भेजा है। जिस कारण यह प्रक्रिया अधूरी है।

इसका परिणाम ये है कि नए छात्रों का परिषद कार्यालय से अभी तक नामांकन नहीं हुआ है। राजकीय समेत निजी और सहायता प्राप्त संस्थानों के प्रधानाचार्यों की लापरवाही के चलते प्रदेश भर के 1296 संस्थानों में बिना नामांकन के करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। 

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18 सितंबर तक का मिला समय

अब परिषद कार्यालय ने नए छात्र-छात्राओं की नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी 1296 संस्थानों को पत्र भेजा है। इसमें संस्थानों को 18 सितंबर तक सभी छात्र-छात्राओं का पूरा ब्योरा भेजने के का निर्देश दिया है। 

अब यह निर्देश जारी किया गया है कि अगर संस्थान 18 सितंबर तक छात्रों का पूरा ब्योरा नहीं भेजते हैं, तो उनके ऊपर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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