यह कोर्स दिसंबर से लांच होगा और इसकी अवधि तीन माह की होगी। कोर्स की तीन श्रेणियां बेसिक, एडवांस और लिंग्विस्टिक बनाई गई हैं। मंत्रालय बाद में एक रिफ्रेशर कोर्स भी शुरू करेगा, लेकिन ये तीनों कोर्स पूरा करने वाले ही इसके पात्र होंगे। यह रिफ्रेशर कोर्स प्रत्येक पांच साल में किया जा सकेगा। वहीं लिंग्विस्टिक कोर्स फ्रेंच, जैपनीज, जर्मन, चाइनीज और रशियन भाषा में किया जा सकेगा।
मंत्रालय के मुताबिक टूरिज्म सेक्टर में आगे बढ़ने की चाहत रखने वालों को इस ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के जरिए पर्यटन साइट्स की विशेष जानकारियां दी जाएंगी, ताकि वे विदेशी टूरिस्ट्स को सही जानकारियां दे सकें।
मंत्रालय के मुताबिक इस कोर्स के जरिए लोगों को अपनी पर्यटन संबंधी जानकारियों को अपडेट करने का मौका मिलेगा। यह कोर्स मोबाइल फ्रेंडली होगा और हिन्दी एवं अंग्रेजी में उपलब्ध होगा। साथ ही, कोर्स के सॉफ्टवेयर में प्रतिभागियों की प्रगति को मापने की भी सुविधा होगी।
पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक सरकार की योजना है कि भविष्य में विदेशी टूरिस्टों के लिए एक एप्लीकेशन डेवलेप की जाए और कोर्स पूरा करने वाले प्रतिभागियों की सूची बना कर उनकी कांटैक्ट डिटेल्स उसमें डाली जाएं। ताकि विदेशी टूरिस्टों को भयमुक्त माहौल मिले।
मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि पाठ्यक्रम का लाभ उठाने वाले प्रतिभागियों को राज्य चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा और संबंधित राज्यों के टूर ऑपरेटर्स से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा भारतीय पर्यटन और यात्रा प्रबंधन संस्थान प्रतिभागियों को टूर ऑपरेटर्स के साथ इंटर्नशिप कराने में भी मदद करेगा।
गौरतलब है कि पिछले दिनों टूरिज्म पर हुई कॉन्फ्रेंस में पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने दावा किया था देश में इस साल तकरीबन 1 करोड़ विदेशी टूरिस्ट पहुंचे थे। इस सेक्टर में 2017 में 15.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। भारत में अकेले पर्यटन क्षेत्र ने साल 2017 में 180379 करोड़ रुपये की कमाई की। उन्होंने दावा किया था कि देश की जीडीपी में टूरिज्म सेक्टर का योगदान 6.8 फीसदी है और इस सेक्टर से तकरीबन 8 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है।