महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गुरुवार को कहा कि दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की ओर बढ़ रही है, लेकिन छात्रों को आध्यात्मिक इंटेलिजेंस का भी ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षिक संस्थानों को उत्कृष्टता का केंद्र बनने के लिए अनुसंधान और आविष्कार के साथ नवाचार से जोड़ना होगा। वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एचएसएनसी क्लस्टर यूनिवर्सिटी, हैदराबाद सिंध नेशनल कॉलेजिएट (HSNC) बोर्ड और महाराष्ट्र सरकार की एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) पहल क्लस्टर यूनिवर्सिटी का उद्घाटन करते हुए बोल रहे थे।
गवर्नर ने छात्रों से कहा आध्यात्म देश की मूल धरोहर है इसलिए इसका अध्ययन ज्यादा महत्वपूर्ण है। शिक्षा के संबंध में स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए उन्होनें कहा कि छात्रों को ज्ञान के अधिग्रहण के माध्यम से उनके भीतर देवत्व को जगाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी हितधारकों को उच्च शिक्षा के मानकों में सुधार के लिए समन्वय, समर्पण और अनुशासन के साथ काम करने की आवश्यकता है। कोश्यारी ने कहा कि केंद्र सरकार अच्छे विश्वविद्यालयों का निर्माण कर रही है जो अच्छे विश्वविद्यालय का निमार्ण कर रही है। राज्यपाल ने एचएसएनसी बोर्ड को के सी कॉलेज, एच आर कॉलेज और बॉम्बे टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के क्लस्टर विश्वविद्यालय बनाने के लिए बधाई दी।
समारोह में शामिल होने वाले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संगीत, नृत्य, कला और अन्य विषयों में पसंद आधारित पाठ्यक्रमों की पेशकश के लिए एचएसएनसी क्लस्टर यूनिवर्सिटी की सराहना की।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि “कला जीवन का एक अनिवार्य अंग है। अगर मैं मुख्यमंत्री नहीं बनता, तो मैं एक कलाकार बन जाता। वास्तव में, मैं मुख्यमंत्री हूं क्योंकि मैं एक कलाकार हूं। ठाकरे ने ज्ञान को जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बताया।
उन्होंने आगे कहा "इसलिए, आपदा स्थितियों के दौरान भी तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुए शिक्षा जारी रखी जानी चाहिए," महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने कहा कि सरकार सर जे जे स्कूल ऑफ आर्ट को विश्वविद्यालय में बदलने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।