दसवीं कक्षा का अंतिम परिणाम आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया जाएगा। यह निर्णय सोमवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल और शिक्षा विभाग की औपचारिक बैठक में लिया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार बताते हैं कि पिछले सत्र यानी 2019-20 में एमपी बोर्ड के छात्रों को दूसरे राज्यों में दाखिला लेने में विभिन्न तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। यही कारण है कि इस बार दसवीं बोर्ड का परिणाम सीबीएसई की तर्ज पर तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
बारहवीं बोर्ड परीक्षा के संबंध में नहीं लिया कोई निर्णय
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभी तक शिक्षा मंडल ने जून में प्रस्तावित कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार बारहवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों को विभिन्न विश्वविद्यालयों में दाखिला लेना होता है, इसलिए अंतिम निर्णय लेने से पहले एमपी शिक्षा विभाग, सीबीएसई एवं अन्य राज्य जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली आदि के शिक्षा मंडलों से फीडबैक ले रहा है।
जून में होंगी 12वीं की परीक्षाएं
बता दें स्कूल शिक्षा विभाग ने देश में कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। वहीं 1 मई को प्रस्तावित कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को जून में आयोजित करने का निर्णय लिया है। हालांकि यह परीक्षाएं ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड में होंगी इसका फैसला लेना अभी बाकी है।