सोशल मीडिया के प्रोफेशनल नेटवर्क लिंक्डइन द्वारा 12 अप्रैल, 2022 को कस्टमर रिसर्च रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट में भारत में काम पर महिलाओं के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों को उजागर किया गया है। रिपोर्ट में 2,266 प्रतिक्रियाओं के आधार पर किए गए रिसर्च के निष्कर्ष में कहा गया है कि कामकाज में लचीलापन यानी फ्लेक्सिबिलिटी नहीं होने और सपोर्टिंग वर्क एनवायरनमेंट नहीं मिलने के कारण भारतीय महिलाएं करियर से ब्रेक ले रही हैं। क्योंकि, जब उन्होंने फ्लेक्सिबल मोड में काम करना चुना तो उन्हें पक्षपात, वेतन कटौती और नौकरी गंवाना आदि झेलने पड़े।
लिंक्डइन द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया कि 83 फीसदी भारतीय महिलाएं दफ्तर में फ्लेक्सिबल कामकाजी माहौल चाहती हैं। वहीं, करीब 72 फीसदी महिलाएं सिर्फ इसलिए नौकरियों के कई ऑफर ठुकरा देती हैं क्योंकि उन्हें कामकाज का सकारात्मक और फ्लेक्सिबल माहौल नहीं मिल पाता है। रिसर्च रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि कोरोना काल के बाद, लचीले ढंग से काम करना 10 में से आठ कामकाजी महिलाओं के लिए बेहतर विकल्प बन गया था।
सर्वेक्षण में सामने आया कि लगभग 70 फीसदी महिलाओं ने पहले ही अपनी नौकरी छोड़ दी है, क्योंकि उन्हें फ्लेक्सिबल मोड में काम करने की छूट नहीं दी गई थी। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश में कामकाजी महिलाओं को फ्लेक्सिबल तरीके से काम करने के एवज मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी 88% महिलाओं को वेतन में कटौती झेलनी पड़ी, 37 फीसदी महिलाओं की फ्लेक्सिबल मोड में काम करने की रिक्वेस्ट को ठुकरा दिया गया। इसके अलावा, इनमें से 27 फीसदी महिलाओं को अपने बॉस को फ्लेक्सिबल वर्किंग के लिए मनाने में मुश्किल हुई है।