किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना का मकसद
किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय फेलोशिप है। इस परीक्षा का उद्देश्य शोध के लिए प्रतिभा और योग्यता वाले छात्रों की पहचान करना है, उनकी अकादमिक क्षमता का अहसास करने में उनकी मदद करना, उन्हें विज्ञान में अनुसंधान करिअर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना, और देश में अनुसंधान और विकास के लिए सर्वोत्तम साइंटिस्ट माइंड्स की संख्या बढ़ाना सुनिश्चित करना है। इनका चयन किसी भी फंडामेंटल साइंस यानी गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान आदि में अध्ययन करने वालों छात्रों में से किया जाता है।
एप्टीट्यूड टेस्ट और साक्षात्कार दोनों के अंक अहम
साइंटिफिक रिसर्च के लिए योग्यता रखने वाले आवेदनों की जांच करने और देश के विभिन्न केंद्रों पर योग्यता परीक्षा आयोजित करने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु में विशेष समूह / समितियां स्थापित की गई हैं। इनके द्वारा एप्टीट्यूड टेस्ट में प्रदर्शन के आधार पर, शॉर्ट-लिस्टेड छात्रों को एक साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है, जो चयन प्रक्रिया का अंतिम चरण होता है। फेलोशिप प्राप्त करने के लिए, एप्टीट्यूड टेस्ट और साक्षात्कार के अंक दोनों पर विचार किया जाता है।