जनवरी 2020 में, पुतिन ने संविधान में बदलाव करने का आह्वान किया, जिसमें राष्ट्रपति बने रहने की तय सीमा को हटाना भी शामिल था। मार्च 2020 में स्टेट ड्यूमा (रूस के संसद का निचला सदन) में दिए गए एक भाषण में, पुतिन ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट का उदाहरण दिया था। दरअसल रूजवेल्ट ने 1932 से 1944 तक चार बार राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था। इसके पश्चात 1951 में अमेरिकी संविधान में किए गए 22 वें संशोधन के जरिए राष्ट्रपति पद का कार्यकाल अधिकतम दो बार ( प्रत्येक चार साल) के लिए सीमित कर दिया था।
आगे पुतिन अपने भाषण में कहते हैं कि उस समय अमेरिका महामंदी, द्वितीय विश्व युद्ध जैसी समस्याओं का सामना कर रहा था। इसलिए रूजवेल्ट को चार बार राष्ट्रपति का कार्यभार संभालना पड़ा। मौजूदा परिस्थितियों में भी निश्चित रूप से स्थिरता अधिक महत्वपूर्ण है और इसे प्राथमिकता भी देनी चाहिए।