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Kerala: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केरल में विशेष शिक्षकों की नियमित नियुक्ति तेज, शिवनकुट्टी ने दी जानकारी

Sat, 21 Feb 2026 09:01 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

केरल सरकार दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की नियमित नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो संविदा शिक्षकों की जांच कर उन्हें नियमित करेगी। सरकार ने फर्जी प्रचार से सावधान रहने को कहा है।
 
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केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी - फोटो : X(@VSivankuttyCPIM)
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विस्तार
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केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने शनिवार को साफ कहा कि केरल सरकार दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर चल रहे 'फर्जी प्रचार' से लोगों को सावधान रहने की अपील की।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई प्रक्रिया

मंत्री ने बताया कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष शिक्षकों के पद सृजित करने और नियमित नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

अदालत ने स्पष्ट किया था कि रिक्तियों की जानकारी शिक्षा विभाग और सरकार की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाए, साथ ही प्रमुख समाचारपत्रों में भी नोटिस जारी हो। नियुक्ति प्रक्रिया भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा तय शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर की जाएगी।

तीन सदस्यीय स्क्रीनिंग समिति गठित

सरकार ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें राज्य दिव्यांगजन आयुक्त, सामान्य शिक्षा विभाग के सचिव और आरसीआई का प्रतिनिधि शामिल है। 

यह समिति पिछले लगभग 20 वर्षों से संविदा या दैनिक वेतन पर काम कर रहे विशेष शिक्षकों की योग्यता की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर आयु सीमा में छूट देकर योग्य शिक्षकों को उचित वेतनमान में नियमित किया जाएगा।

2,707 विशेष शिक्षकों को मिल सकता है लाभ

वर्तमान में ‘समग्र शिक्षा केरल’ के तहत 2,707 विशेष शिक्षक संविदा पर कार्यरत हैं। सरकार पात्र अभ्यर्थियों को नियमित करने की दिशा में कदम उठा रही है।

हलफनामे पर फैली गलतफहमी

सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समय मांगते हुए अदालत में सकारात्मक हलफनामा भी दाखिल किया है। मंत्री ने कहा कि कुछ लोग हलफनामे की गलत व्याख्या कर भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
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शिक्षक-छात्र अनुपात और क्लस्टर प्रणाली

केंद्र के शिक्षा मंत्रालय के मानकों के अनुसार, राज्य प्राथमिक स्तर पर 10:1 और उच्च प्राथमिक व माध्यमिक स्तर पर 15:1 का शिक्षक-छात्र अनुपात सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, विशेष शिक्षकों की बेहतर तैनाती के लिए ‘क्लस्टर प्रणाली’ लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि विशेष शिक्षकों के हितों की रक्षा और दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
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