केंद्रीय संस्थानों के साथ-साथ देश के लगभग सभी राज्यों में भी वहां के मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्सेज में प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। इस बीच एक राज्य में निजी मेडिकल कॉलेजों ने इस शैक्षणिक सत्र (2019-20) से एमबीबीएस की फीस में 10 फीसदी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है। यह राज्य है केरल। केरल के निजी मेडिकल कॉलेजों में इस सत्र से 10 फीसदी फीस बढ़ जाएगी। इस संबंध में फीस रेगुलेटरी कमेटी फॉर मेडिकल एजुकेशन ने आदेश भी जारी कर दिया है।
अब केरल के निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस करीब 7.20 लाख प्रति वर्ष हो जाएगी। पहले यह फीस करीब 5.85 लाख प्रति वर्ष थी। पिछले साल केरल के निजी कॉलेजों में स्टूडेंट्स से 5.32 लाख रुपए से लेकर 6.54 लाख रुपए प्रति वर्ष की फीस ली गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, केरल में फीस रेगुलेटरी कमेटी फॉर मेडिकल एजुकेशन के चेयरमैन जस्टिस आर राजेंद्र बाबू ने कहा है कि उन्होंने इस शैक्षणिक सत्र से 10 फीसदी ट्यूशन फीस बढ़ाने के आदेश जारी कर दिये हैं। सरकार द्वारा इसकी सूचना भी जारी कर दी जाएगी। अगर स्टूडेंट्स से निर्धारित सीमा से ज्यादा फीस ली जाती है तो वह कैपिटेशन फीस के रूप में ली जाएगी।
हालांकि निजी मेडिकल कॉलेज इस फैसले से खुश नहीं हैं। वे इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं। दरअसल, कॉलेजों ने 11 से 20 फीसदी के बीच फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। लेकिन मंजूरी सिर्फ 10 फीसदी फीस बढ़ोतरी की दी गई है।