पुराने नियम के अनुसार रैंक लिस्ट पुनः जारी करने का दिया निर्देश
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि रैंक लिस्ट को पुनः उसी मूल फॉर्मूले के अनुसार जारी किया जाए, जिसे 19 फरवरी 2025 को प्रकाशित प्रोस्पेक्टस में बताया गया था।
कोर्ट के आदेश में कहा गया, "प्रोस्पेक्टस में किया गया यह बदलाव रद्द किया जाता है। एंट्रेंस एग्जामिनेशन कमिश्नर को निर्देश दिया जाता है कि वह 19 फरवरी 2025 को जारी प्रोस्पेक्टस के अनुसार नई रैंक लिस्ट जारी करें।"
कोर्ट ने अंतिम समय में लिए गए निर्णय को बताया संदिग्ध
कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रारंभिक दृष्टि से ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने रिजल्ट देखने के बाद पाया कि केरल स्ट्रीम के छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। इसलिए, अपने निर्वाचन क्षेत्र को संतुष्ट करने के लिए एक दुर्भावनापूर्ण और मनमाना निर्णय लेकर प्रोस्पेक्टस में एक घंटे पहले बदलाव किया गया।
कोर्ट ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताते हुए कहा कि "इस प्रकार का कार्य पूर्ण रूप से मनमाना, अवैध, अनुचित है और किसी भी आधार पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।"
कोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदु ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी और आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर तय की जाएगी।