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Chancellor Controversy: केरल में कुलाधिपति बदलने संबंधी विधेयक पर विवाद, राज्यपाल खान ने वैधता पर उठाए सवाल

Thu, 01 Dec 2022 09:50 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Chancellor Controversy: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल सरकार क्ष कुलाधिपति का पदेन पद राज्यपाल से छीनने के लिए लाए जा रहे विधेयक के प्रावधानों की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया है।
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केरल क राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Kerala Varsities Chancellor Controversy: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने वामपंथी सरकार द्वारा राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल की शक्तियों में कटौती करने एवं कुलाधिपति का पदेन पद राज्यपाल से छीनने के लिए लाए जा रहे विधेयक के प्रावधानों की कानूनी वैधता पर सवाल उठाया है। राज्यपाल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि यदि राज्य का कानून यूजीसी के नियमों के प्रतिकूल है, तो यूजीसी का ही नियम लागू होगा। यूजीसी के नियम के खिलाफ राज्य में कानून नहीं बन सकते।  

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खान ने संवाददाताओं से कहा कि यूजीसी के नियम इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं कि राज्यपाल विश्वविद्यालयों के पदेन चांसलर हैं। राज्यपाल ने कहा कि कुछ भी... कोई भी प्रावधान, चाहे वे कोई भी बिल पास करें, अगर यह यूजीसी के नियमों के खिलाफ है, तो यह कानून नहीं बन सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस तरह का कदम उठा रही है क्योंकि वे पूरी तरह से निराश एवं हताश है। खान ने कहा कि अगर कोई उस प्रणाली के नियमों से साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करता है .. जो यूजीसी के नियमों के खिलाफ होगा। इसलिए, आप इन चीजों के बारे में चिंता न करें। वे अपनी हताशा निकाल रहे हैं। वे पूरी तरह से निराश महसूस कर रहे हैं।
 

उन्होंने कहा कि कानून बहुत स्पष्ट है- विश्वविद्यालय कुलाधिपति की जिम्मेदारी है, सरकार की नहीं। विश्वविद्यालय पर कानूनी रूप से बोलना, आपकी जिम्मेदारी नहीं है। आप हर रोज विश्वविद्यालय के मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। हालांकि, कुलाधिपति के पास विधि शक्ति है लेकिन मेरा विचार विश्वविद्यालय है... विश्वविद्यालय चलाने का काम कुलाधिपति का नहीं है। यह कुलपति का काम है। खान ने कहा कि कुलाधिपति का काम यह सुनिश्चित करना है कि विश्वविद्यालय के कामकाज में न तो कार्यपालिका से और न ही कहीं से कोई हस्तक्षेप हो।
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राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता का सम्मान किया जाता है। उनका यह बयान मुख्यमंत्री पी विजयन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के एक दिन बाद आया है, जिसमें राज्य के 14 सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के नियमों में आवश्यक संशोधन करने का फैसला किया गया था ताकि राज्यपाल को प्रख्यात शिक्षाविदों के साथ बदल दिया जा सके।  
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