केरल के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने कहा है कि एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से कुछ महत्वपूर्ण अंशों को बाहर करने का निर्णय अकेले एनसीईआरटी का निर्णय नहीं हो सकता है। इसे केवल भाजपा सरकार के निर्णय के रूप में देखा जा सकता है। उनकी वही विचारधाराएं हैं जो आरएसएस और बीजेपी सरकार आरएसएस के दृष्टिकोण को लागू कर रही हैं। यह रोजगार, संस्कृति और शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में समान है।
केरल के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने आगे कहा कि वे (भाजपा) अहंकारी हैं, क्योंकि उनके पास संसद में बहुमत है। वे इतिहास की किताबों से स्वतंत्रता संग्राम, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, श्री नारायण गुरु और भगत सिंह आदि के बारे में अंशों को खत्म करना चाहते हैं। वे पाठ्यपुस्तकों में गुजरात दंगों जैसी प्रमुख घटनाओं को शामिल करने के लिए भी तैयार नहीं हैं।