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Kerala: केरल विधानसभा में पारित हुआ विवादास्पद विश्वविद्यालय कानून संशोधन विधेयक

Thu, 01 Sep 2022 03:52 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और माकपा के नेतृत्व वाली केरल की एलडीएफ सरकार कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति सहित विभिन्न मुद्दों पर कुछ समय से आमने-सामने हैं।
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Pinarayi Vijayan and Arif Mohammad Khan - फोटो : ANI
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विस्तार
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केरल विधानसभा में गुरुवार को विवादास्पद विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक 2022 पारित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल की शक्तियों को कम किया जाएगा। राज्य के विपक्षी दल कांग्रेस-यूडीएफ ने मतदान से पहले सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विश्वविद्यालयों में प्रमुख पदों पर सत्तारूढ़ दल की कठपुतलियों को नियुक्त करने का प्रयास कर रही है।

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विधेयक राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र का अपमान: विपक्ष
विपक्ष की ओर से बहिष्कार की घोषणा करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने कहा कि यह विधेयक राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र का अपमान है। हॉल से बाहर निकलने से पहले उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक गलत मिसाल कायम करेगा। हालांकि, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने दावा किया कि विपक्ष और मीडिया का यह प्रचार कि विधेयक राज्यपाल की शक्तियों को छीन लेगा, गलत है।

सरकार पर लग रहे आरोप
विधानसभा में विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक 2022 विधेयक को ऐसे समय में पारित किया गया है जब सत्तारूढ़ माकपा राज्य के कई विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में विपक्षी दलों की ओर से भाई-भतीजावाद के आरोपों का सामना कर रही है। ऐसा मानना है कि यह नया विधेयक विश्वविद्यालयों के कुलपति (वीसी) की नियुक्ति में राज्यपाल के अधिकार को प्रतिबंधित करेगा, जो कुलाधिपति का पद धारण करता है।
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राज्यपाल और सरकार आमने-सामने
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और माकपा के नेतृत्व वाली केरल की एलडीएफ सरकार कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति सहित विभिन्न मुद्दों पर कुछ समय से आमने-सामने हैं। राज्यपाल ने चांसलर के रूप में विश्वविद्यालय में मलयालम एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति पर भी रोक लगा दी थी। इसमें साक्षात्कार के लिए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के निजी सचिव के के रागेश की पत्नी प्रिया वर्गीज को प्रथम स्थान दिया गया था।
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