विधेयक राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र का अपमान: विपक्ष
विपक्ष की ओर से बहिष्कार की घोषणा करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने कहा कि यह विधेयक राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र का अपमान है। हॉल से बाहर निकलने से पहले उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक गलत मिसाल कायम करेगा। हालांकि, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने दावा किया कि विपक्ष और मीडिया का यह प्रचार कि विधेयक राज्यपाल की शक्तियों को छीन लेगा, गलत है।
सरकार पर लग रहे आरोप
विधानसभा में विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक 2022 विधेयक को ऐसे समय में पारित किया गया है जब सत्तारूढ़ माकपा राज्य के कई विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में विपक्षी दलों की ओर से भाई-भतीजावाद के आरोपों का सामना कर रही है। ऐसा मानना है कि यह नया विधेयक विश्वविद्यालयों के कुलपति (वीसी) की नियुक्ति में राज्यपाल के अधिकार को प्रतिबंधित करेगा, जो कुलाधिपति का पद धारण करता है।