स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि केजीबीवी में शत-प्रतिशत छात्राओं का नामांकन, उपस्थिति, अवस्थापना सुविधा, कमियों को चिह्नित करने और उनके निराकरण का काम प्रेरणा एप के जरिए किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में लर्निंग आउटकम के लिए तीन किताबें चलेंगी
महानिदेशक ने बताया कि परिषदीय स्कूलों के बच्चों में लर्निंग आउटकम (सीखने की क्षमता) विकसित करने के लिए तीन नई हैंडबुक आधारशिला, ध्यानाकर्षण और शिक्षण संग्रह विकसित की गई हैं। कार्य पुस्तिका नहीं होने से इन बच्चों का लेखन कौशल विकसित नहीं हो रहा है। न ही लेखन कौशल का मूल्यांकन हो रहा है। इसे देखते हुए आगामी शैक्षिक सत्र से कक्षा 1 व 2 के विद्यार्थियों को दो-दो, कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों को तीन-तीन और कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को चार-चार कार्यपुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
दिव्यांग बच्चों के लिए ‘समर्थ’ मोबाइल एप
प्रदेश के 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इन बच्चों की समावेशी शिक्षा के लिए ‘समर्थ’ मोबाइल एप आधारित इंटीग्रेटेड प्रणाली तैयार की गई है। इसके माध्यम से दिव्यांग बच्चों का डाटा संकलित किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक दिव्यांग बच्चों को मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। बच्चों की फिजियोथेरेपी रिपोर्ट, गंभीर रूप से दिव्यांग बच्चों को एस्कॉर्ट अलाउंस और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी एप पर होगी।