कर्नाटक सरकार ने दसवीं कक्षा की परीक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। जुलाई में होने वाली दसवीं कक्षा की परीक्षा के लिए प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने एसओपी जारी की। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के सभी प्रभारी एसओपी का पालन करें। एसओपी के मुताबिक, दसवीं कक्षा की परीक्षा से पहले और बाद में कीटाणुनाशक घोल का छिड़काव करके एग्जाम हॉल को सैनिटाइज किया जाएगा।
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एक एग्जाम हॉल में सिर्फ 12 बच्चे ही बैठकर देंगे परीक्षा, टीकाकरण अनिवार्य
सभी फर्नीचर और शौचालयों को रोजाना अनिवार्य तौर पर साफ किया जाएगा। दसवीं कक्षा की परीक्षा के दौरान शारीरिक दूरी के नियम का पालन किया जाएगा। एक परीक्षा हॉल में सिर्फ 12 बच्चे ही बैठकर परीक्षा दे सकेंगे। प्रत्येक डेस्क पर केवल एक छात्र ही बैठेगा। एसओपी के अनुसार, विद्यार्थियों को एक जगह इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन के सहयोग से परीक्षा आयोजित करने में शामिल शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों का टीकाकरण अनिवार्य तौर पर होना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि परीक्षा से पहले शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों को टीके की एक खुराक लगी हो।
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छात्रों के लिए होगी एंबुलेंस की व्यवस्था, कोविड देखभाल केंद्र बनाया जाएगा
एसओपी के अनुसार, खांसी, जुकाम और फ्लू से पीड़ित उम्मीदवारों के लिए दो कमरे आरक्षित होने चाहिए। प्रवेश द्वार पर एक थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स और हैंड सैनिटाइजर होना चाहिए। परीक्षा हॉल में स्वास्थ्य काउंटरों के प्रवेश द्वार पर छात्रों को मास्क दिए जाएंगे। दसवीं परीक्षा में शामिल लोगों के लिए प्रत्येक तहसील में एम्बुलेंस आरक्षित होगी। कोविड- पॉजिटिव छात्रों के लिए परीक्षा लिखने के लिए एक कोविड देखभाल केंद्र भी होगा। यदि परिवार में कोई भी संक्रमित है और उम्मीदवार आइसोलेशन में है और स्वस्थ पाया जाता है, तो उसे छात्र का परीक्षण करने के बाद पास के कोविड देखभाल केंद्र में परीक्षण लिखने की अनुमति दी जाएगी।