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इतिहास के पन्नों से: कौन है अंतरिक्ष की यात्रा करने वाली पहली महिला? कैसे मिला मौका? जानिए सबकुछ

Wed, 16 Jun 2021 01:56 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

रूसी अंतरिक्ष यात्री वेलेंटीना तेरेश्कोवा ने आज ही के दिन सन 1963 में वोस्टोक-6 स्पेसक्राफ्ट से भरी थी ऐतिहासिक उड़ान। अंतरिक्ष में 71 घंटे रहने का बनाया था रिकॉर्ड। 
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वेलेंटीना तेरेश्कोवा - फोटो : Social media
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विस्तार
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मानव द्वारा किए गए अंतरिक्ष प्रयासों के इतिहास में 16 जून का एक महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि रूसी अंतरिक्ष यात्री वेलेंटीना तेरेश्कोवा इस दिन अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला बनीं थी। उन्होंने 1963 में वोस्टोक-6 स्पेसक्राफ्ट से  ऐतिहासिक उड़ान भरी और तकरीबन तीन दिन बाद धरती पर लौंटी। अंतरिक्ष में 71 घंटे रहने का रिकॉर्ड भी बनाया। 

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दो वर्ष की आयु में हो गई थी पिता की मृत्यु
26 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय नायिका बनने वाली वेलेंटीना का जन्म 6 मार्च, 1937 को रूस के यारोस्लाव ओब्लास्ट में येलेना फ्योदोरोव्ना तेरेश्कोवा के घर हुआ था। वेलेंटीना के पिता द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ़िनिश शीतकालीन युद्ध में मृत्यु हो गई। बेहतर रोजगार की तलाश में येलेना (वेलेंटीना की मां) परिवार के साथ यारोस्लाव चली गईं। यहां उन्हें कॉटन मिल में नौकरी मिली।

पैसों की तंगी की वजह से छोड़ा स्कूल

1945 में वेलेंटीना ने आठ साल की उम्र में स्कूल में दाखिला लिया। लेकिन पैसों की तंगी की वजह से वेलेंटीना ने 1953 में स्कूल छोड़ कॉरस्पॉडेंस कोर्स के जरिए अपनी पढ़ाई जारी रखी और नौकरी करने लगी। तेरेश्कोवा ने 22 वर्ष की उम्र में ही पैराशूटिंग में रुचि विकसित कर ली थी और स्थानीय एरोक्लब में स्काइडाइविंग में प्रशिक्षण लिया था। 

इस वजह से अंतरिक्ष में जाने का मिला मैका

अब तक 126 बार पैराशूट से छलांग लगाने की वजह से वेलेंटीना काफी मशहूर हो चुकी थीं। इसलिए 1961 में अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम के लिए वेलेंटीना को चुना गया। इसके अलावा 400 से भी ज्यादा महिलाओं में 4 अन्य महिलाओं को भी इस मिशन के लिए चयनित किया गया। बता दें कि यूरी गगारिन की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा के बाद, सोवियत सरकार महिलाओं को अंतरिक्ष में भेजना चाहता था ताकि इतिहास में अंतरिक्ष में भेजी जाने वाली पहली महिला का नाम सोवियत संघ के नाम पर दर्ज हो।   

18 महीनों की ट्रेनिंग के बाद भरी थी उड़ान

सोवियत सरकार ने 18 महीनों तक सभी महिलाओं को अंतरिक्ष यात्रा की बारीकियों के बारे में सिखाया। जिसमें से वेलेंटीना को वोस्तोक-6 के पायलट के रूप में लिए चुना गया। कॉस्मोनॉट वालेरी ब्यकोवस्की ने 14 जून, 1963 को वोस्तोक 5 पर उड़ान भरी और दो दिन बाद, तेरेश्कोवा ने भी उड़ान भरी।अंतरिक्ष के 48 चक्कर लगाने और 70 घंटे से अधिक समय तक अंतरिक्ष में रहने के बाद वेलेंटीना 19 जून 1963 को पर लौटीं। उन्होंने सफलतापूर्वक 20,000 फीट की ऊंचाई से जंप किया और पैराशूट की मदद से धरती पर कदम रखा। वेलेंटीना ने मात्र 26 वर्ष की आयु में सफलतापूर्वक अंतरिक्ष से लौटकर इतिहास रच दिया। उन्हें ऑर्डर ऑफ लेनिन और हीरो ऑफ सोवियत यूनियन अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया ।

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60 वर्षों में केवल 10 फीसदी ने की अंतरिक्ष की यात्रा

तेरेश्कोव के अंतरिक्ष जाने के लगभग 60 वर्षों बाद, 60 से अधिक महिलाओं ने अंतरिक्ष की यात्रा की है। हालांकि, अब तक, पुरुषों की तुलना में, महिलाओं आबादी केवल 10 फीसदी है।
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