आईआईटी-एनआईटी में बदलाव
कॅरिअर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इस वर्ष कई आईआईटी-एनआईटी ने विद्यार्थियों के प्रथम वर्ष की परफॉर्मेंस के आधार पर होने वाले ब्रांच अपग्रेडेशन के विकल्प को बंद कर दिया है। इन आईआईटी में शीर्ष आईआईटी मुम्बई, हैदराबाद के अतिरिक्त आईआईटी जम्मू शामिल है। आईआईटी के साथ-साथ 12 एनआईटी ऐसे हैं, जिन्होंने इस वर्ष ब्रांच अपग्रेडेशन के ऑप्शन्स को बंद किया है। इन एनआईटी में दिल्ली, तिरछी, वारंगल, सूरतकल, जयपुर, राउरकेला, कालीकट, कुरूक्षेत्र, जमशेदपुर, सूरत, पाण्डेचेरी, नागालैंड शामिल हैं।
आहूजा ने बताया कि हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी शीर्ष आईआईटी-एनआईटी की कोर ब्रांचों के अतिरिक्त लोअर-ब्रांचों को उनके नीचे के आईआईटी-एनआईटी की कोर ब्रांचों से ज्यादा प्राथमिकता में रखते थे, क्योंकि विद्यार्थियों की यह सोच होती है कि वे शीर्ष आईआईटी एवं एनआईटी में लोअर ब्रांचों में प्रवेश लेकर प्रथम वर्ष की परफार्मेंस के आधार पर ब्रांच अपग्रेड करवा सकते हैं। लेकिन अब तीन शीर्ष आईआईटी एवं 12 एनआईटी में ब्रांच अपग्रेड का विकल्प बंद होने से विद्यार्थी इन कॉलेजों में केवल अपनी रूचि के अनुसार पढ़ने वाली ब्रांच को ही प्राथमिकता सूची में रख सकेंगे।
किस आईआईटी में कितनी सीटें बढ़ी
इस वर्ष सर्वाधिक आईआईटी मंडी में 184 सीटें, आईआईटी पटना में 151, आईआईटी इंदौर में 120, हैदराबाद में 90, गांधी नगर में 82, भिलाई एवं जम्मू में 40-40, रोपड़ में 35, पलक्कड़ एवं जोधपुर में 20-20, आईआईटी भुवनेशन में 1 सीट बढ़ी है। इस प्रकार उपरोक्त आईआईटी में 783 सीटें बढ़ी है।