पीडब्ल्यूडी कटऑफ आरक्षित से ऊपर
वर्ष 2024 में आरजीयूकेटी हैदराबाद ने 500 में से कटऑफ 9.38 सीजीपीए में दी है। यहां पीडब्ल्यूडी का कटऑफ सभी श्रेणियों से उच्च 9.55 है, जो जोसा बिजनेस रूल का उल्लंघन है। जनरल, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एससी, एसटी श्रेणी में से सबसे कम कटऑफ पीडब्ल्यूडी की होनी चाहिए। यही गड़बड़ी उत्तराखंड में भी है। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा समेत कुछ राज्यों के कटऑफ में मनमाना बदलाव किया गया है। इनमें से कुछ राज्यों के 2023 के कटऑफ को कम तो कुछ के कटऑफ को उच्च कर दिया गया है।
पात्रता मापदंड इसलिए जरूरी : आईआईटी में जेईई एडवांस और एनआईटी व 97 कॉलेजों में दाखिले के लिए जेईई मेन में सफल होने के साथ 12वीं कक्षा में 75 फीसदी या टॉप-20 पर्सेंटाइल अंक की पात्रता मापदंड जरूरी है। यदि कोई छात्र एडवांस व जेईई मेन में सफल होता है, लेकिन पात्रता मापदंड पूरा नहीं करता तो उसे दाखिला नहीं मिलेगा।
नियम: सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), विश्वविद्यालाय अनुदान आयोग-नेट (यूजीसी-नेट) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कहा है कि जनरल-ईडब्ल्यूएस की अपनी मेरिट होगी। न होने पर जनरल कैटेगरी के कटऑफ अंक के आधार पर उत्तीर्ण या प्रवेश मिलेगा।
राज्यों ने कटऑफ भेजी नहीं तो जोसा ने कैसे तैयार की
12वीं कक्षा के अनिवार्य पात्रता मापदंड के आधार पर तैयार की जाने वाली कटऑफ से चार स्तर पर बड़ी लापरवाही हुई है। दरअसल, वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, यूपी, एमपी, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट आगरा, आईएससीई, उत्तराखंड, राजस्थान, राजस्थान ओपन बोर्ड, सीबीएसई समेत अन्य राज्यों ने जनरल -ईडल्यूएस श्रेणी के कटऑफ अंक ही नहीं भेजे थे।
राज्यों ने कहा, वे जनरल -ईडब्ल्यूएस श्रेणी की अलग से कोई कटऑफ नहीं बनाते हैं। ऐसे में जोसा काउंसलिंग-2024 में ओबीसी के कटऑफ अंक को जनरल-ईडब्ल्यूएस की श्रेणी के कटऑफ अंक में लगाकर सूची तैयार कर दी गई।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्कूल बोर्ड ने 2023 में सभी श्रेणियों में एक समान 442 अंक की कटऑफ दी। वर्ष 2024 में भी सभी श्रेणियों में 425 अंक की कटऑफ है। ऐसे में सवाल उठता है कि सभी श्रेणियों के कटऑफ अंक समान कैसे हो सकते हैं। जोसा के अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई टिप्पणी नहीं की।