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JNU Protest: छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन ने स्थगित की हॉस्टल मीटिंग, JNUSU ने लगाया फीस बढ़ाने का आरोप

Wed, 24 Sep 2025 09:04 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

JNU Protest 2025: जेएनयू छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन को इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन मीटिंग स्थगित करनी पड़ी। JNUSU का आरोप है कि प्रशासन बैकडोर से फीस बढ़ाने और डिजिटल मेस कार्ड लागू करने की कोशिश कर रहा था।
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, JNU - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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JNU Hostel Meeting: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर छात्र विरोध प्रदर्शन की वजह से सुर्खियों में है। मंगलवार को जेएनयू प्रशासन को इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (IHA) की बैठक स्थगित करनी पड़ी क्योंकि सैकड़ों छात्र कन्वेंशन सेंटर के बाहर इकट्ठा होकर विरोध करने लगे। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन "बैकडोर" से फीस बढ़ोतरी लागू करने की कोशिश कर रहा था।

बिना उचित प्रक्रिया अपनाए बुलाई गई मीटिंग- जेएनयू छात्र संघ

जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) ने बताया कि प्रशासन की ओर से बिना उचित प्रक्रिया अपनाए यह मीटिंग बुलाई गई थी। IHA मैनुअल के अनुसार 10 दिन पहले नोटिस जारी होना चाहिए था, लेकिन कन्वीनर सुनील यादव को केवल सुबह 10 बजे सूचना मिली, जबकि बैठक दोपहर 3 बजे रखी गई थी।

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छात्र संघ का दावा है कि एजेंडे में मेस सुरक्षा जमा राशि, गेस्ट रूम शुल्क, भोजन कूपन, जुर्माना और अन्य हॉस्टल शुल्कों में बढ़ोतरी से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। इसे "छिपे तरीके से फीस बढ़ाने का प्रयास" बताया गया।

प्रतिनिधियों को नहीं दी गई पूरी जानकारी

इसके साथ ही JNUSU ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन "डिजिटल मेस कार्ड" के जरिए निगरानी प्रणाली लागू करना चाहता है। संघ का कहना है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अंतिम समय तक पूरी जानकारी नहीं दी गई, जिससे छात्र प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की कोशिश हुई।

छात्रों के विरोध और कन्वेंशन सेंटर पर जुटने के बाद प्रशासन को बैठक स्थगित करनी पड़ी। JNUSU ने इसे छात्र समुदाय की जीत बताया और कहा कि बैकडोर से फीस बढ़ोतरी लागू करने का प्रयास एक बार फिर नाकाम हुआ। छात्र संघ ने सभी छात्रों से सतर्क रहने की अपील की और याद दिलाया कि 2019 में भी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ बड़े आंदोलन हुए थे, जिसका मामला अभी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है।

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