JEE Main April 2023 Paper Analysis: फिजिक्स में कंसेप्चुअल बेस्ड चार-पांच प्रश्न आए
सुबह की पारी का पेपर आसान रहा। सभी टॉपिक्स को बराबर कवरेज दिया गया। दूसरी पारी में भी पेपर आसान रहा। विशेष बात यह रही कि कंसेप्चुअल बेस्ड चार-पांच प्रश्न आए। कक्षा 11वीं और 12वीं से लगभग समान संख्या में प्रश्न पूछे गए।
JEE Main April 2023 Paper Analysis: केमिस्ट्री पहली पारी में आसान, दूसरी में मध्यम
छात्रों के अनुसार, सुबह की पारी में पेपर मध्यम स्तरीय रहा। जिसमें इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में कुछ इंफोर्मेटिव प्रश्नों को छोड़कर बाकी पेपर आसान ही रहा। डॉ बृजेश माहेश्वरी सर ने बताया कि लगभग सभी प्रश्न एनसीईआरटी आधारित ही रहे। शाम की पारी में पेपर मध्यम स्तरीय रहा। जिसमें इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री के लगभग सभी चैप्टर्स से मध्यम स्तरीय प्रश्न पूछे गए। इसमें से कुछ एनसीईआरटी सिलेबस पर आधारित थे।
JEE Main April 2023 Paper Analysis: मैथ्स का पेपर मोडरेट व लेंदी रहा
डॉ माहेश्वरी ने बताया कि छात्रों का कहना था कि सुबह की पारी का पेपर मोडरेट व लेंदी रहा। एलजेब्रा से 10 प्रश्न आए। कैलकुलस से आठ प्रश्न आए। कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री से तीन-चार प्रश्न पूछे गए। जेईई मेन टॉपिक्स की बात करें तो स्टेटिस्टिक्स व रीजनिंग से एक-एक प्रश्न पूछा गया। शाम की पारी में भी पेपर मोडरेट होने के साथ ही लेंदी था। एलजेब्रा से सात-आठ प्रश्न पूछे गए। कैलकुलस से आठ प्रश्न आए। कोर्डिनेट ज्योमेट्री से चार प्रश्न आए थे। वेक्टर एंड थ्री डी से चार प्रश्न आए। हाइट एंड डिस्टेंस से भी एक प्रश्न आया। ज्यादातर प्रश्न लेंदी कैलकुलेशन वाले थे।
JEE Main April 2023 Paper Analysis: फिजिकल केमिस्ट्री को ज्यादा वेटेज
वहीं, ऑनलाइन कोचिंग एक्सपर्ट नितिन अरोड़ा ने बताया कि पहली पारी की परीक्षा में 90 प्रश्न थे, जिनमें से छात्रों को 75 प्रश्नों को सॉल्व करना था। फिजिक्स को कठिनाई स्तर पर आसान के रूप में रेट किया गया था। इसमें ज्यादातर आसान और मध्यम प्रश्न शामिल थे। केमिस्ट्री के सवालों को कठिनाई स्तर पर आसान से मध्यम स्तर के रूप में रेट किया गया था। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री और ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की तुलना में फिजिकल केमिस्ट्री को ज्यादा वेटेज दिया गया। वहीं, गणित को मध्यम से कठिन के रूप में आंका गया था। वहीं, सभी गणित के पार्ट में बीजगणित यानी एलजेब्रा और कैलकुलस पर जोर था।
JEE Main April 2023 Paper Analysis: समझें पेपर का विवरण
नितिन अरोड़ा सर के अनुसार, जहां भौतिकी में कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं के पाठ्यक्रम के प्रश्नों का भार लगभग बराबर था। वहीं, रसायन विज्ञान में, प्रमुख रूप से प्रश्न कक्षा 12वीं के पाठ्यक्रम से थे। जबकि गणित में, प्रमुख रूप से प्रश्न कक्षा 11वीं के पाठ्यक्रम से पूछे गए थे। कुल मिलाकर 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में प्रश्नों का वितरण हावी रहा।