कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण अब राज्यों की सहमति पर बोर्ड और प्रवेश परीक्षाएं निर्भर होंगी। केंद्र सरकार 25 जून तक कोरोना के हालात और सभी राज्य सरकारों के सुझावों के आधार पर समीक्षा करेगी। इसी आधार पर जुलाई में बोर्ड परीक्षा, जेईई मेन और नीट प्रवेश परीक्षाएं करवाने पर अंतिम फैसला होगा।
सूत्रों के मुताबिक सीबीएसई के 10 वीं और 12वीं के बचे हुए पेपर एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच होने हैं। जेईई मेन और नीट भी जुलाई में ही होगी। कई राज्यों और अभिभावकों को जुलाई में परीक्षा को लेकर आपत्ति है। उनका मानना है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लाखों छात्रों को परीक्षा केंद्र तक बुलाना सही नहीं है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जब इन परीक्षाओं की डेट तय की थी, उस समय हुई संक्रमण दर ज्यादा नहीं थी। हालांकि मध्य जून तक देशभर में कोरोना मरीजों की संख्या तीन लाख पार कर चुकी है। प्रतिदिन औसतन दस हजार से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं। मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में तो स्थिति और भी खराब है। ऐसे में सरकार 25 जून को कोरोना हालात का आकलन करेगी। उसके बाद कोई फैसला लेगी। एचआरडी मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय मिलकर इसकी समीक्षा करेंगे।