कोविड-19 के चलते जेईई मेन और नीट परीक्षा में छात्र का मिलान अब लिखावट और हस्ताक्षर से होगा। अभी तक परीक्षा केंद्र में छात्र को अंगूठा लगाना पड़ता था। अलग-अलग ग्रुप में सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए छात्रों को क्लासरूम में लाया जाएगा। परीक्षा केंद्र में तैनात सभी कर्मियों और छात्रों को दस्ताने पहनने अनिवार्य होंगे। क्लासरूम में हैंड सेनेटाइजर भी रखे जाएंगे। छात्रों और परीक्षा केंद्र में तैनात शिक्षकों और कर्मियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया गया है। इसी एसओपी के तहत परीक्षा आयोजित होगी।
मुंह पर मॉस्क और हाथों में दस्ताने पहनने होंगे
पारदर्शी पीने के पानी की बोतल ला सकेंगे
50 एमएल का निजी हैंड सेनेटाइजर लाने की अनुमति होगी
हालांकि उसकी बोतल पारदर्शी होनी चाहिए
नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर से छात्रों की जांच होगी
किसी भी प्रकार की धातू आदि से बने प्रोडेक्ट को अपने साथ न लाएं
मेटल डिटेक्टर दूर से जांच करेगा, इस दौरान छात्र के सीधे संपर्क में कोई नहीं होगा
परीक्षा से संबंधित दस्स्तावेज एडमिट कार्ड, सरकारी फोटो पहचान पत्र आदि।
शौचायल जाने से पहले उन्हें अनुमति लेनी जरूरी होगी।
कमरे में नहीं घूमेंगे शिक्षक:
सामाजिक दूरी के चलते परीक्षा केंद्र में परीक्षा नियंत्रक स्टॉफ कमरे के अंदर छात्रों के बीच नहीं घूमेंगे। वे दूर बैठकर छात्रों की निगरानी करेंगें। पचास फीसदी कर्मी ही क्लासरूम के अंदर होंगे। बाकी अन्य सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के माध्यम से छात्रों पर नजर रखेंगे। यदि कोई छात्र परीक्षा नियंत्रक या डयूटी में तैनात शिक्षक की किसी प्रकार की मदद लेना चाहता होगा तो सामाजिक दूरी के साथ पहले शिक्षक को हैंड सेनेटाइज करना होगा। इसके बाद ही वह छात्र की मदद कर सकेगा।
परीक्षा केंद्र की दीवारों, टेबल-कुर्सी, कंप्यूटर, पंखों को परीक्षा शुरू होने से पहले भी सेनेटाइज किया जाएगा
कॉरिडोर में रूम नंबर बड़े अक्षरों में लिखे होंगे, ताकि छात्र को तलाशने में परेशानी न हो
पहली बार लाउंडस्पीकर का प्रयोग किया जाएगा, ताकि छात्रों को दूर से ही परीक्षा से जुड़ी जानकारियां समझायी जा सकें
परीक्षा केंद्र में ब्लूटूथ, वाई-फाई की जांच होगी। इसके बाद एनटीए जैमर का प्रयोग करेगा