परीक्षा देने लखनऊ जाना था छात्र को
पुलिस उपाधीक्षक (जीआरपी-कोटा) शंकर लाल ने बताया कि कानपुर निवासी उज्ज्वल मिश्रा को लखनऊ जाना था, जहां उसे इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा देने के लिए केंद्र आवंटित किया गया था। पुलिस ने बताया कि उसके पिता दीपक कुमार मिश्रा उसे और उसके सामान को वापस यूपी ले जाने के लिए सोमवार को कोटा पहुंचने वाले थे।
उन्होंने बताया कि उज्ज्वल यहां एक कोचिंग संस्थान में जेईई की तैयारी कर रहा था और राजीव गांधी नगर इलाके में एक छात्रावास में रहता था।
ट्रेन देखकर ट्रैक पर लेट गया उज्जवल
डीएसपी ने बताया कि रविवार को लड़का शाम करीब साढ़े छह बजे अपने छात्रावास के कमरे से निकला और कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचा। ट्रेन के पायलट के अनुसार, जब लड़के ने ट्रेन को आते देखा, तो वह पटरियों पर लेट गया और शाम करीब 7 बजे ट्रेन के नीचे आ गया। पायलट ने तुरंत राजकीय रेलवे पुलिस को घटना की सूचना दी, उन्होंने कहा कि वह तेज गति के कारण समय पर ट्रेन को रोकने में असमर्थ था। लड़के के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
शाम में अपने सहपाठी से बात की
उज्जवल एक औसत छात्र था। अपने बेटे का शव लेने के बाद शवगृह के बाहर शोक संतप्त पिता ने कहा कि उसने कभी नहीं बताया कि वह परेशानी में है और न ही उसने किसी तरह का संकट दिखाया।
डीएसपी ने कहा कि रविवार शाम को उज्ज्वल ने कथित तौर पर अपने सहपाठी से बात की, जो उसके सामने एक छात्रावास में रहता है और उसने बताया कि वह 2 अप्रैल की परीक्षा पास करने के लिए अच्छी तरह से तैयार नहीं था।
दो वर्षों से तैयारी कर रहा था उज्जवल
उज्ज्वल के पिता कृषि वैज्ञानिक हैं, उन्होंने कहा कि उनका बेटा पिछले दो सालों से कोटा के एक कोचिंग संस्थान में जेईई-मेन्स और एडवांस के लिए कोचिंग ले रहा था। इंजीनियरिंग के इच्छुक छात्र की मां और छोटा भाई लखनऊ में रहते हैं।
पुलिस ने बताया कि सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव पिता को सौंप दिया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
कोचिंग हब के तौर पर मशहूर इस शहर में इस साल छात्रों द्वारा की गई आत्महत्या की यह दसवीं घटना है। जनवरी में ही छह कोचिंग छात्रों (पांच जेईई और एक नीट) ने आत्महत्या कर ली।
25 मार्च को मेडिकल छात्र ने की थी आत्महत्या
25 मार्च को बिहार के 17 वर्षीय मेडिकल छात्र हर्षराज शंकर ने कथित तौर पर अपने हॉस्टल के कमरे में पुल-अप्स करने के लिए लगाई गई लोहे की रॉड से फांसी लगा ली।
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन बुक शेल्फ रैक पर "सॉरी" लिखा मिला। 2024 में कोटा में 17 कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या की। 2023 में यह संख्या 26 थी।