अगर लखनऊ विश्वविद्यालय की ही बात करें तो अभी यूजी-पीजी पहले सेमेस्टर की परीक्षा नहीं हो पाई, जो अप्रैल में प्रस्तावित थी। उन्होंने इन विद्यार्थियों के प्रमोशन के प्रस्ताव शासन को भेजे थे। अगर इनको पहले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाता है तो आगे इनको अन्य क्लास के विद्यार्थियों के साथ दूसरे सेमेस्टर में भी प्रमोट किया जाएगा। इस तरह इनका पूरा साल प्रमोशन में जाएगा। फिर प्रमोशन के दोनों बार का आधार क्या होगा?
वार्षिक प्रणाली में तीन में दो साल होंगे प्रमोट
दूसरी तरफ जिन विवि में वार्षिक प्रणाली के आधार पर पढ़ाई हो रही है। वहां तीन साल के कोर्स में पिछले साल भी विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया। अब इस साल (दूसरे वर्ष) में भी बिना किसी आधार के प्रमोट कैसे किया जाए। शासन द्वारा गठित तीन कुलपतियों की समिति ने इनकी अगले साल दो परीक्षा लेने का सुझाव दिया गया है। क्या विद्यार्थी एक साथ दो साल की परीक्षा देंगे? क्या अगले साल कोविड का असर नहीं होगा? ऐसे कई सवाल हैं, जो प्रमोशन की प्रक्रिया में आड़े आ सकते हैं।