जहां एक ओर देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच इम्तिहान रद्द करने की मांग जाेर पकड़ रही है। हजारों छात्र और अभिभावक 12वीं बोर्ड समेत अन्य प्रस्तावित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, अधिकतर राज्य और केंद्र सरकार का रूख परीक्षाएं आयोजित करने के पक्ष में हैं। इस बीच, रविवार की बैठक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि परीक्षाओं पर अंतिम निर्णय के करीब हैं। हालांकि, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री ने कल्पना की थी, बैठक अत्यंत उपयोगी थी क्योंकि हमें अत्यधिक मूल्यवान सुझाव प्राप्त हुए थे। मैंने राज्य सरकारों से 25 मई तक अपने विस्तृत सुझाव मुझे भेजने का अनुरोध किया है। मुझे विश्वास है कि हम कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में एक सूचित, सहयोगात्मक निर्णय पर पहुंचने में सक्षम होंगे और अपने अंतिम निर्णय के बारे में उन्हें जल्द से जल्द सूचित करके छात्रों और अभिभावकों के मन की अनिश्चितता को दूर करेंगे।
डॉ निशंक ने कहा कि मैं दोहराना चाहता हूं कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा, सुरक्षा और भविष्य दोनों ही हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। माननीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए मैं सभी माननीय मुख्यमंत्रियों, शिक्षा मंत्रियों और दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली से जुड़े अधिकारियों को धन्यवाद देता हूं। मैं इस अवसर पर अपने कैबिनेट सहयोगियों प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री संजय धोत्रे को भी इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद देता हूं।