विदेश मंत्री ने अपने पढ़ाई के दिनों को किया याद
समारोह में बोलते हुए, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, "उस स्कूल में वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है जहां मैंने अपनी अधिकांश शिक्षा प्राप्त की। हम टीएएफएस के 70 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, संयोग से, मैं भी 70 वर्ष का हूं।"
जयशंकर ने कहा, "मैंने अपना अधिकांश जीवन कूटनीति की दुनिया में बिताया है और कूटनीति में हम हर समय बातचीत करते रहते हैं। बातचीत करने के लिए, आपको अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर तैयारी और सोच-विचार करना होता है। आप ऐसा केवल उन अच्छे गुणों को अपनाकर ही कर सकते हैं जो शिक्षक हममें डालने का प्रयास करते हैं।"
छात्रों को सिखाया टीम वर्क का पाठ
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "हमारे पास ऑपरेशन गंगा है, जिसमें हम यूक्रेन गए, लेकिन चाहे वह अफगानिस्तान हो, नेपाल हो, यमन हो... मैंने आपसे इसका उल्लेख इसलिए किया क्योंकि स्कूल में एक प्रकार का गुण सीखा जाता है, वह है टीम वर्क। अन्य लोगों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता, लोगों की खूबियों को पहचानना और फिर सामूहिक लाभ के लिए उन्हें एक साथ लाने का प्रयास करना..."