सीआईएससीई : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन
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काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (ISC) यानी 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम के अंकों की गणना के लिए एक फॉर्मूला विकसित किया है। यह फॉर्मूला सीबीएसई की ओर से जारी किए गए मूल्यांकन फॉर्मूले से थोड़ा अलग है। सीबीएसई की तरह ही इसमें 12वीं बोर्ड के अंकों की गणना के लिए परीक्षार्थी का 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में प्रदर्शन का औसत देखा जाएगा।
इतना ही नहीं, आईएससीई काउंसिल ने बताया कि आईएससी बोर्ड द्वारा जारी 2021 की आंतरिक मूल्यांकन योजना में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में छात्र के अंक, परियोजना, विषयों में व्यावहारिक कार्य, कक्षा 11वीं और 12वीं में स्कूल परीक्षाओं में प्राप्त सर्वश्रेष्ठ अंकों की गणना के साथ ही पिछले छह वर्षों में विद्यार्थी का स्कूल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को शामिल किया जाएगा।
सीआईएससीई 2015 से 2020 के आंकड़ों पर विचार करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के इतर सीआईएससीई ने गुरुवार, 17 जून, 2021 को सुप्रीम कोर्ट में आईएससी कक्षा 12वीं के मूल्यांकन मानदंड प्रस्तुत किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी योजना को मंजूरी दे दी है और इसे आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। सीआईएससीई की ओर से आईएससी 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 का परिणाम 20 जुलाई, 2021 तक जारी किया जाएगा।
आईएससी रिजल्ट फॉर्मूला
- विभिन्न विषयों में परियोजना और व्यावहारिक कार्य का मूल्यांकन।
- कक्षा 9वीं और 10वीं के विषयों की स्कूल परीक्षाओं में उम्मीदवारों का प्रदर्शन, जो दो वर्षों में प्राप्त उनके सर्वश्रेष्ठ अंकों के माध्यम से मापा जाना है।
- पिछले छह वर्षों के दौरान स्कूल परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
सीआईएससीई के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पहले दो कारक उम्मीदवारों की विषय दक्षता को मापते हैं, जबकि अंतिम उन स्कूलों की सामान्य गुणवत्ता का आकलन हैं, जिनसे उम्मीदवार उपस्थित हो रहे हैं। इस संबंध में 2015 से 2020 तक की बाेर्ड परीक्षाओं के डेटा पर विस्तृत विश्लेषण किया गया था।