कानून हमेशा से ही सामान्य व्यक्तियों के लिए बहुत ही पेंचीदा मुद्दा रहा है, जिसकी जरूरत हर व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी पड़ती है। कानून की जटिलता को सरल करने के लिए हमें विशेषज्ञों की आवश्यकता पड़ती है। आज सिर्फ व्यक्तिगत जीवन में ही नही, बल्कि संस्था, संगठन व कॉर्पोरेट स्तर पर भी कानूनी सलाहकारों की मांग बहुत बढ़ गई है। हर कंपनी के लिए कानूनी सलाहकार रखना अनिवार्य हो गया है।
इतना ही नहीं, समाज में तेजी से हो रहे सामाजिक व आर्थिक परिवर्तनों के बाद नए कानूनों के बनने और पुराने कानूनों के संशोधन में तेजी आ गई है। फिर चाहे वो कानून आर्थिक, न्यायिक, क्रिमिनल लॉ, इंटरनेशनल लॉ, पेटेंट लॉ, टैक्स लॉ, लेबर लॉ, एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ या फिर संवैधानिक लॉ से ही संबंधित क्यों न हो। हर कानून में तेजी से परिवर्तन हो रहे हैं। इससे लॉ से जुड़े अच्छे विशेषज्ञों की कमी हो गई है। इससे इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। सिर्फ यही नहीं, सरकारी क्षेत्र में भी लॉ ग्रेजुएट्स व लॉ विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बस जरूरत है तो इस क्षेत्र का विशेषज्ञ बनने की।