शारदा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन के प्रतिष्ठित संस्थान हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने अपने कॉलेज परिसर में भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलम के जन्म दिवस को इनोवेशन डे के रूप में मनाया। इस तकनीकी विज्ञान एवं प्रदर्शनी प्रतियोगिता में आगरा एवं मथुरा के 35 माध्यमिक स्कूलों के 750 छात्रों ने अपने हुनर और टैलेंट के बल पर 130 साइंस मॉडल प्रस्तुत किये इसके साथ ही विभिन्न कॉलेज के इंजीनियरिंग एवं साइंस के छात्रों ने 80 चलित एवं अचलित साइंस मॉडल्स को वरिष्ठ स्टाल पर प्रदर्शित किये।
इनोवेशन डे पे बच्चों का इनोवेटिव क्रिएशन देखने लायक था ,इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ए.डी.आर.डी.ई (आगरा ) के निदेशक श्री देवाशीष चक्रवर्ती ने कहा छात्रों के हर्ष उल्लास , प्रतिभा एवं ज्ञान के प्रति अभिभूत का यह अद्भुत नजारा था। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के द्वारा बनाई हुई इनोवेशन को देख कर लग रहा है देश आगे तरक्की करेगा और बढ़ेगा। आज हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी बहुत सारी इनोवेशन का केंद्र बिंदु बन गया है।
अमर उजाला द्वारा किये गए सवाल पर कॉलेज के मुख्य अधिशासी उपाध्यक्ष श्री प्रदीप महता ने कहा की बच्चों का दिमाग आप किसी एक धरा में बांध कर नहीं रख सकते। उनके विचार हर एक तरफ फैलते है और उनके अन-रिस्ट्रिक्टेड थॉट प्रोसेस की वजह से बच्चे हर युग में आगे रहेंगे। नयी टेक्नोलॉजी , नयी सोच , और नयी इनोवेशन और खोज को बच्चे ही ले कर आएँगे आज भी कल भी और आगे भी ।
जब अमर उजाला ने संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव कुमार उपाध्याय से पूछा इनोवेशन डे एक पुरानी परम्परा है, ऐसे रचनात्मक और क्रिएटिव उत्सव भारत वर्ष के लिए कितने आवश्यक है ? तो डॉ. राजीव कुमार उपाध्याय ने बताय की इनोवेशन डे के जरिये हम बच्चों को एक प्लेटफार्म दे रहे है ,जिसके द्वारा बच्चे अपनी कल्पना को रूप दे सके। उनसे पूछे गए सवाल में एक सवाल यह भी था कि आज के इस युग में जब मोबाइल, टी.वी , कंप्यूटर , इंटरनेट, गूगल सब है तो क्या आपको लगता है न्यूटन या आइंस्टीन जैसा कोई आएगा , इस पर उन्होंने कहा की हम इन टेक्नोलॉजी का कैसे उपयोग करते है यह उसपे निर्भर करता है अगर हम इन चीज़ों का सही जगह उपयोग करे तो हम अपने समाज और देश के लिए काफी कुछ कर सकते है जिससे पुरे देश को गर्व महसूस होगा। ।
साइंस एंड टेक्नोलॉजी के इतने सारे इनोवेशन को देख कर अमर उजाला को भरोसा हो गया भरता का भविष्य सुरक्षित हांथों में है। छात्रों द्वारा बनाये गए, बैटरी से चलने वाली बाइक और रेसिंग कार एवं अन्य हैरान के देने वाले उपकरणों को देखने के लिए इस वीडियो को देखे।