जेईई एडवांस परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार और आईआईटी प्रबंधन के बीच टकराव बढ़ गया है। सरकार परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से कराना चाहती है लेकिन आईआईटी प्रबंधन ने केंद्र की मांग को ठुकरा दिया है। यह तीसरा मौका है जब केंद्र सरकार की मांग को ठुकराया गया है। इससे पहले जेईई एडवांस परीक्षा आसान करने और बीटेक प्रोग्राम में सीट बढ़ोतरी की मांग को भी मना कर दिया गया था।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, दस नवंबर को केंद्रीय कैबिनेट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को मंजूरी दी थी। जेईई मेन, यूजीसी नेट समेत अन्य प्रवेश परीक्षाएं इसी एजेंसी से कराने का फैसला हुआ था ताकि सीबीएसई परीक्षा आयोजित करने की बजाय पढ़ाई पर फोकस कर सके।
हालांकि जेईई एडवांस और कैट परीक्षा पर कोई फैसला नहीं हुआ था। जेईई एडवांस आईआईटी और कैट की परीक्षा आईआईएम प्रबंधन खुद कराते हैं। केंद्र सरकार ने नवंबर में ही सभी आईआईटी प्रबंधन को पत्र लिखकर राय मांगी थी।
दिसंबर में आईआईटी डायरेक्टर की बैठक में सरकार की इस मांग को नकार दिया गया। उनका मानना है कि जेईई एडवांस परीक्षा दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। परीक्षा की तैयारी आठ से दस महीने चलती है, इसमें आईआईटी विशेषज्ञों की टीम ही प्रश्न पत्र से लेकर कापी जांचने का काम करती है।
फुलप्रूफ व्यवस्था व पेपर लीक से बचने के चलते ही आईआईटी प्रबंधन इस मामले में कोई जानकारी साझा नहीं करता है। बाहरी एजेंसी से परीक्षा करवाने पर गुणवत्ता में गिरावट के साथ पेपर लीक होने की संभावना भी बनी रहेगी।