क्या हुआ था घटनास्थल पर?
मृतक सुरभि वर्मा (23) आईआईटी दिल्ली में पीएचडी कर रही थीं। 27 नवंबर को वह अपने प्रोफेसर यामा दीक्षित के साथ लोथल में खुदाई कर रही थीं, जो अहमदाबाद से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है। इस दौरान वे एक 10 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी के नमूने लेने के लिए उतरीं। तभी अचानक गड्ढा धंस गया, जिससे सुरभि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रोफेसर दीक्षित को बचा लिया गया।
सुरभि के पिता रामखेलावन वर्मा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर यामा दीक्षित के खिलाफ लापरवाही से मौत का कारण बनने का मामला दर्ज किया है। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
FIR में क्या आरोप लगाए गए हैं?
एफआईआर के अनुसार, सुरभि ने दिसंबर 2023 में आईआईटी दिल्ली में पीएचडी के लिए दाखिला लिया था। नवंबर 2024 में वह प्रोफेसर दीक्षित के साथ शोध कार्य के लिए गुजरात आई थीं।
घटना के दिन, वे आईआईटी गांधीनगर के एक छात्र और एक अन्य प्रोफेसर के साथ लोथल पहुंचीं। वहां उन्होंने खुदाई के लिए एक मशीन मंगवाई और 10 फीट गहरा गड्ढा खुदवाया। जब सुरभि और प्रोफेसर दीक्षित नमूने लेने के लिए गड्ढे में उतरे, तो मिट्टी अचानक धंस गई।
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एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रोफेसर दीक्षित की लापरवाही से यह हादसा हुआ, क्योंकि उन्होंने न तो खुदाई के दौरान कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए और न ही पहले से सुरभि को इस कार्य के खतरों के बारे में जानकारी दी।
शोध का उद्देश्य और लापरवाही
अहमदाबाद के जिला पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश जाट ने बताया कि टीम लोथल में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन कर रही थी। वे यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि बाढ़ और अकाल जैसी प्राकृतिक घटनाओं का सिंधु घाटी सभ्यता पर क्या असर पड़ा था।
जांच में सामने आया कि टीम को यह जानकारी नहीं थी कि जिस स्थान पर वे खुदाई कर रहे थे, वहां सतह के नीचे पानी का स्तर बहुत ऊंचा था। यह इलाका दलदली था, और महज 5-6 फीट की खुदाई करने पर ही पानी निकल आता है।
इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने खुदाई शुरू करने से पहले न तो पुलिस को जानकारी दी और न ही स्थानीय प्रशासन को सूचित किया।
क्या आगे होगा?
पुलिस ने प्रोफेसर दीक्षित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 106 (लापरवाही से मौत) और 125 (अन्य लोगों की जान खतरे में डालने) के तहत मामला दर्ज किया है। अभी तक जांच जारी है और पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर सकती है।