भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) में हर साल विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए लाखों आवेदन आते हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन आने वाला यह संस्थान 1965 में शुरू हुआ। इस संस्थान को देश में पत्रकारिता का सर्वश्रेष्ठ संस्थान माना जाता है। लेकिन सात साल पहले शुरू हुए यहां के एक कोर्स को अब भी छात्रों की तलाश है। वह कोर्स है उर्दू पत्रकारिता।
हर साल देश भर से सैकड़ों छात्र-छात्राएं आईआईएमसी में हिंदी, अंग्रेजी पत्रकारिता, रेडियो व टीवी पत्रकारिता, एडवर्टाइजिंग और पीआर में डिप्लोमा कोर्स के लिए आते हैं। वजह है इन क्षेत्रों में रोजगार के ज्यादा मौके। हालांकि इस संस्थान में हिंदी, अंग्रेजी के अलावा मलयाली, उड़िया व मराठी भाषाओं में भी डिप्लोमा कराया जाता है। करीब नौ महीने के इस कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को उनके संबंधित कोर्स में सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक चीजें भी सिखाई जाती हैं।