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कॉर्पोरेट प्रशासन को मजबूत कर रहे हैं कम्पनी सचिव

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सीएस रंजीत पांडेय - फोटो : source
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कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) ने सक्रिय कम्पनियों और उनके पंजीकृत कार्यालयों को ध्यान में रखते हुए ई-फॉर्म INC-22A (ACTIVE) प्रारम्भ किया था। फॉर्म में कम्पनी सचिव का विवरण भरना भी अनिवार्य किया गया था।

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भारत शायद एकमात्र ऐसा देश है जहां पर 31 दिसम्बर 2017 से पहले बनी सभी कम्पनियों द्वारा आईएनसी-22ए फॉर्म भरवाना प्रारम्भ किया गया। इससे उनके पंजीकृत कार्यालय का अक्षांश और देशांतर, निदेशकों, केएमपी और ऑडिटर सम्बंधित जानकारी प्राप्त होती है। इससे ये सिद्ध होता है कि कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) उच्च स्तरीय शासन व्यवस्था निर्धारित करना चाहता है।

हालांकि, भारतीय कॉर्पोरेट परिदृश्य में कम्पनी सचिव की नियुक्ति की निगरानी मौजूदा शासन ढांचे को और मजबूत करने का एक प्रयास है। सरकार के इस आदेश ने कई सारे विवाद खड़े कर दिए, क्योंकि सीएस की नियुक्ति के लिए योग्य कम्पनियों के मुकाबले सीएस पेशेवरों की संख्या कम है। ऐसे में कम्पनी सचिव अधिक वेतन की मांग कर रहे हैं।कम्पनी सचिवों की मातृ संस्था होने के नाते, द इंस्टीट्यूट ऑफ कम्पनी सेक्रेट्रीज ऑफ इंडिया, ये साफ कर देना चाहती है कि कॉर्पोरेट की सहायता करने वाले कम्पनी सचिवों की कोई कमी नहीं है। संस्था के पास एक प्लेसमेंट सेल है, जिसका काम कॉर्पोरेट संस्थाओं से समन्वय करके कम्पनी सचिवों की नियुक्ति कराना है। जहां तक वेतन का सवाल है, कम्पनी सचिवों का वेतन भी अन्य पेशों की तरह बाजार के कारकों जैसे अनुभव, संस्था का आकार, कार्य प्रोफाइल, स्थान आदि पर निर्भर करता है।

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यूडीआईएन - फोटो : icsi

देश में कॉर्पोरेट प्रशासन के स्तर में सुधार पर जोर देते हुए सीएस रंजीत पांडेय, अध्यक्ष, आईसीएसआई, ने कहा कि भारत मे प्रशासन पेशेवरों की मातृ संस्था होने के नाते आईसीएसआई का मानना है कि कॉर्पोरेट प्रशासन में मजबूत साख होनी चाहिए। पारदर्शिता और जवाबदेही के स्तर में सुधार देश के कॉर्पोरेट प्रशासन के ढांचे को और भी मजबूत करेगा।

आईसीएसआई के अध्यक्ष ने आगे कहा कि, निष्क्रिय कम्पनियों को समाप्त करने के कॉर्पोरट मामलों के मंत्रालय की पहल का द इंडिया आईएनसी भी स्वागत करेगी। कॉरपोरेट्स को सुझाव दिया गया है कि वे अपनी संस्थाओं में कंपनी सचिवों के रोजगार और नियुक्ति को केवल एक टिक-बॉक्स पहल के रूप में नहीं, बल्कि वास्तविक रूप में आगे बढाएं। इससे सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा, जिससे न्यू इंडिया 2022 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

(Advertorial)

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